अधिक मास प्रारंभ हो चुका है अब एक माह तक मांगलिक कार्यों में रोक लग जाएगी। अधिक मास 16 अक्टूबर को समाप्त होगा। शास्त्रों के अनुसार, इस माह को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं क्योंकि इस महीने भगवान विष्णु की आराधना होती है। पदम पुराण के अनुसार जो कोई भगवान विष्णु जी के प्रतीक शालिग्राम का दर्शन करता है। उनके प्रति मस्तक झुकाता, स्नान कराता और उनकी पूजा करता है वह कोटि यज्ञों के समान पुण्य तथा कोटि गौदानों का फल पाता है। इनके स्मरण, कीर्तन, ध्यान, से अनेक पाप दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही मलमास में भगवान विष्णु की आराधना के लिए इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।