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Malmass 2020: मलमास में करें इन मंत्रों का जाप, खूब बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा

Fri, 18 Sep 2020 05:31 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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अधिकमास 2020: - फोटो : सोशल मीडिया
अधिक मास प्रारंभ हो चुका है अब एक माह तक मांगलिक कार्यों में रोक लग जाएगी। अधिक मास 16 अक्टूबर को समाप्त होगा। शास्त्रों के अनुसार, इस माह को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं क्योंकि इस महीने भगवान विष्णु की आराधना होती है। पदम पुराण के अनुसार जो कोई भगवान विष्णु जी के प्रतीक शालिग्राम का दर्शन करता है। उनके प्रति मस्तक झुकाता, स्नान कराता और उनकी पूजा करता है वह कोटि यज्ञों के समान पुण्य तथा कोटि गौदानों का फल पाता है। इनके स्मरण, कीर्तन, ध्यान, से अनेक पाप दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही मलमास में भगवान विष्णु की आराधना के लिए इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।
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अधिकमास 2020 - फोटो : अमर उजाला
गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपरूपिणम्।
गोकुलोत्सवमीशानं गोविन्दं गोपिकाप्रियम्।।

भगवान विष्णु जी का यह मंत्र पाप मुक्ति के लिए बेहद ही प्रभावशाली होता है। इस मंत्र का जप विशेषरूप से पुरुषोत्तम मास में करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने वाले व्यक्ति के सभी प्रकार के पाप मिट जाते हैं। साथ ही उसे मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। 
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मलमास में भगवान विष्णु जी की होती है आराधना - फोटो : ANI
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
यह भगवान विष्णु का द्वादशाक्षरी मंत्र है जिसको पुरुषोत्तम माह में विधि विधान से नित्य स्नान के बाद पूजा के समय जपना चाहिए। इस मंत्र को जपने से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। 

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अधिक मास में नहीं होती है संक्रांति - फोटो : सोशल मीडिया
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
यह गायत्री महामंत्र भगवान विष्णु जी का है जो बेहद कल्याणकारी है। इस मंत्र का जाप पूजा के बाद करना चाहिए। मंत्र के प्रभाव से ढेरों लाभ मिलते हैं।
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अधिक मास में विष्णु जी की मंत्र सहित करें पूजा - फोटो : Social Media
शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।
विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।
लक्ष्मीकान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।
वन्दे विष्णुम भवभयहरं सर्व लोकैकनाथम।।

यह मंत्र भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद प्रभावकारी माना जाता है। इस मंत्र का उच्चारण आप श्री हरि की पूजा के दौरान कर सकते हैं। तुलसी की माला से श्री हरि के मंत्रों का जप करें। इस मंत्रों का जाप व्यक्ति को पीले आसन पर विराजमान होकर करना चाहिए।
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