अधिक मास आज से प्रारंभ हो गया है जो अगले महीने 16 अक्टूबर को समाप्त होगा। अधिक मास को मलमास भी कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिस महीने सूर्य संक्रांति नहीं होती है उसे अधिक मास कहा जाता है। अधिक मास में भगवान विष्णु की आराधना करना बेहद ही फलदायी माना जाता है।
शास्त्रों में लिखा है कि भगवान विष्णु के दस अवतार होंगे। इनमें अबतक नौ अवतार हो चुके हैं। दसवें अवतार की अब प्रतीक्षा जो कल्कि अवतार कहलाएगा। भगवान विष्णु के दस अवतारों में एक अवतार ऐसा है जो भगवान विष्णु को देवी लक्ष्मी के श्राप के कारण लेना पड़ा था। इस अवतार के विषय में देवी भागवत् पुराण में जो कथा मिलती है उसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे।