Maha Shivratri 2023: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन, मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवशिवरात्रि मनाई जाती है,वहीं फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन शिवभक्त उपवास रखते हुए शिवलिंग पर जलाभिषेक और अन्य तरह की पूजा सामग्रियों को अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग का जलाभिषेक करने और शिव मंत्रों का जाप करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द से जल्द पूरी होती हैं। शिवपुराण में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने और अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग शिव मंत्रों का वर्णन किया गया है। इन शिव मंत्रों का हर एक शब्द का अपना अलग महत्व होता है। शिव मंत्र के हर एक शब्द का अलग महत्व और अर्थ होता है। सभी शिव मंत्रों का जाप अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है।