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जानिए इस्लाम धर्म के 5 महत्वपूर्ण सिद्धान्त, जिसे पूरा न करना माना जाता है पाप

Wed, 22 Nov 2017 08:56 AM IST
amarujala.com- Presented By: विनोद शुक्ला
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इस्लाम धर्म दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है। दुनिया भर में इस धर्म को मनाने वालों की संख्या करोड़ो में है। यह धर्म पांच मूलभूत सिद्धान्तों पर टिका हुआ है। मुस्लिम धर्म को मनाने वालों को इन सिद्धांतों के अनुसार अपना जीवन यापन करना पड़ता है। इस्लाम के यह पांच सिद्धान्त हर मुसलमान का फर्ज माना जाता है। इनको पूरा ना करना एक पाप के समान माना जाता है। ये पांच सिद्धांत इस प्रकार है।

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शहादा
यह इस्लाम धर्म का सबसे प्रमुख सिद्धान्त है। किसी भी मुसलमान को कलमा पढ़ना यानि शहादा देना बेहद जरूरी है।
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सलात
सलात यानि नमाज मुस्लिम जीवन का बेहद अहम हिस्सा है। एक सच्चे मुसलमान व्यक्ति को दिन में पांच बार नमाज पढ़ना जरूरी माना जाता है।

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जकात
जकात यानि दान देना। मान्यतानुसार हर मुसलमान को अपनी वार्षिक कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दान में देना जरूरी समझा गया है।
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रमजान
इस्लामिक कैलेंडर के हिसाब से नौवां महीना रमजान का होता है। रमजान के पूरे महीने में मुसलमान रोजा यानि व्रत रखते हैं।
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हज
हज इस्लाम का पांचवां और आखिरी स्तंभ है। इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने में हज यात्रा शुरू होती है। मान्यतानुसार हर मुसलमान को जिंदगी में एक बार हज जरूर करना चाहिए।
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