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kartik month 2021: इस दिन से शुरु हो रहा है कामनाओं का कार्तिक मास, जानिए किन कार्यों को करने से मिलेगा लाभ

Sat, 16 Oct 2021 01:04 PM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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कार्तिक मास में, उपवास व पूजा-पाठ का होता है अत्यधिक महत्व (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
हिंदी पंचांग में पूर्णिमा तिथि के अनुसार माह की तारीख बदलती है। जिसके अनुसार कार्तिक माह हिंदी वर्ष का आठवां महीना है। इस वर्ष 19 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है, जिसके बाद 21 अक्टूबर 2021 से कार्तिक मास आरंभ हो जाएगा। पुराणों में प्रत्येक चंद्र मास का महत्व बताया गया है लेकिन कार्तिक मास की विशेष महत्वता बताई गई है। 'न कार्तिकसमो मासो न कृतेन समं युगं, न वेदं सदृशं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समं' अर्थात् कार्तिक के समान कोई मास नहीं है, न सतयुग के समान कोई युग, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं। शास्त्रों में कार्तिक मास को सभी माह में सर्वश्रेष्ठ और मंगलकारी बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस माह में व्रत नियम का पालन करने से भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है। इस महा को मोक्ष की प्राप्ति करने का द्वार बताया गया है। इस माह में कुछ कार्य करना बेहद शुभ माना जाता है।
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ब्रह्ममुहूर्त में करें स्नान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास में ब्रह्ममुहूर्त में उठकर यमुना नदी में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस पूरे माह किसी पवित्र नदी या फिर घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। घर में महिलाएं व अविवाहित लड़कियां कार्तिक स्नान करती हैं, क्योंकि ये बेहद ही शुभ माना जाता है।
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कार्तिक माह में प्रतिदिन करना चाहिए तुलसी में दीपदान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock
कार्तिक मास में तुलसी पूजन का है विशेष महत्व
सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र व पूजनीय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जिन घरों में प्रतिदिन तुलसी पूजन होता है वहां पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा बनी रहती है। कार्तिक मास में भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं और सर्वप्रथम में हरिवल्लभा यानी तुलसी की पुकार सुनते हैं। कार्तिक माह में तुलसी पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। कार्तिक के पूरे माह नियमपूर्वक तुलसी में दीप प्रज्वलित करना चाहिए।

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दीपदान - फोटो : istock
कार्तिक मास में अवश्य करना चाहिए दीपदान 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक माह में दीपदान करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। शरद पूर्णिमा से लेकर कार्तिक मास की पूर्णिमा तक दीपदान करने का विधान बताया गया है। इस पूरे माह प्रतिदिन किसी मंदिर, पवित्र नदी, सरोवर या फिर घर पर तुलसी में ही दीपदान अवश्य करना चाहिए। इससे जीवन का अंधकार दूर होता है व सकारात्मकता की प्राप्ति होती है। मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं जिससे आपके घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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दान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कार्तिक माह में इन चीजों के दान का है विशेष महत्व
शास्त्रों में कार्तिक मास को जप, तप, दान, धर्म का माह कहा गया है। इस महा में कुछ चीजों को दान करना का भी विशेष महत्व बताया गया है।  कार्तिक मास में अन्न दान,गौदान आदि का विशेष महत्व होता है व इस पूरे माह जरुरतमंदो व ब्राह्मणों को दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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