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Kalashtami Vrat 2022: कब है कालाष्टमी व्रत? रोग, दोष, भय से बचने के लिए ऐसे करें काल भैरव की पूजा

Wed, 20 Apr 2022 12:50 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत - फोटो : अमर उजाला
Kalashtami Date 2022: हिंदी पंचांग के अनुसार हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। कालाष्टमी के दिन व्रत रखा जाता है और काशी के कोतवाल कहे जाने वाले बाबा काल भैरव की पूजा की जाती है। काल भैरव भगवान शिव के पांचवे अवतार माने जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन व्रत और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन से दुख, दरिद्रता और परेशानी दूर हो जाती है। इस दिन शिवालयों और मठों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें भगवान शिव के रूप में काल भैरव देव का आह्वान किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, भैरव शब्द का अर्थ है भय को हराने वाला। यानी जो उपासक काल भैरव की उपासना करता है काल भैरव उसके सभी प्रकार के भय हर लेते हैं। मान्यता है कि काल भैरव में ब्रह्मा, विष्णु और महेश की शक्तियां समाहित रहती है। ऐसे में आइए आज जानते हैं वैशाख माह में कालाष्टमी कब है और इसकी पूजा पूजा विधि के बारे में....  
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वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत - फोटो : अमर उजाला
कालाष्टमी व्रत तिथि 2022
वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 23 अप्रैल दिन शनिवार को सुबह 06 बजकर 27 मिनट पर हो रही है। ये तिथि अगले दिन 24 अप्रैल रविवार को सुबह 04 बजकर 29 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार कालाष्टमी व्रत 23 अप्रैल को रखा जाएगा। 
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वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत - फोटो : अमर उजाला
पूजा का शुभ मुहूर्त
वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन त्रिपुष्कर योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बना हुआ है। इस दिन साध्य योग देर रात्रि 01 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग शाम 06 बजकर 54 मिनट से शुरू होगा। जो अगले दिन 24 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा त्रिपुष्कर योग सुबह 05 बकर 48  मिनट से शुरू होकर अगले दिन 24 अप्रैल को सुबह 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।

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वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत - फोटो : amar ujala
कालाष्टमी व्रत की पूजा विधि
कालाष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म और स्नान आदि करने के बाद भगवान भैरव की पूजा- अर्चना करें। इस दिन भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती और भगवान गणेश की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। 
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वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत - फोटो : iStock
पूजा के दौरान घर के मंदिर में दीपक जलाएं, आरती करें और भगवान को भोग लगाएं। एक बात का ध्यान जरूर रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का ही भोग लगाया जाता है।
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वैशाख माह का कालाष्टमी व्रत - फोटो : istock
कालाष्टमी व्रत का महत्व 
मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से सभी तरह के भय से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही भैरव भगवान की कृपा से शत्रुओं से छुटकारा भी मिल जाता है।
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