Hanuman Ji Name Story: जानिए कैसे पड़ा मारुती नंदन का नाम हनुमान
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वह अमावस्या का दिन था और राहु सूर्य पर ग्रहण लगने वाला था, लेकिन वे सूर्य को ग्रहण लग पाता, उससे पहले ही हनुमान जी ने सूर्य को निगल लिया। राहु कुछ समझ नहीं पाए कि हो क्या रहा है? उन्होने इंद्र से सहायता मांगी। इंद्रदेव के बार-बार आग्रह करने पर जब हनुमान जी ने सूर्यदेव को मुक्त नहीं किया तो, इंद्र ने वज्र से उनके मुख पर प्रहार किया जिससे सूर्यदेव मुक्त हुए।