भारतीय ज्योतिषशात्र में चंद्रमा को बहुत अधिक महत्व दिया गया है, तथा इसे शीत, नम और स्त्री ग्रह माना गया है। व्यक्ति के जन्म से लेकर मृत्यु तक
कुंडली में चंद्रमा की स्थिति का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया जाता है। भारतीय वैदिक शास्त्र में नक्षत्र का अध्ययन भी चंद्रमा की स्थिति को देखकर ही किया जाता है। उदाहरण के लिए जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो उसी आधार पर जन्म नक्षत्र का अध्ययन कर नाम रखा जाता है।
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