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चाणक्य नीति: भूलकर भी न निकलें इन छह लोगों के बीच से, पड़ सकता है भारी

Thu, 17 Jun 2021 06:33 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
आचार्य चाणक्य कुशाग्र बुद्धि के श्रेष्ठ विद्वान और महान विभूति थे। ये कूटनीति और राजनीति में कुशल होने के साथ ही अर्थशास्त्र के प्रकांड पंडित थे। इसी कारण ये विष्णु गुप्त और कौटिल्य के नाम से भी विख्यात थे। ये मौर्य साम्राज्य के संस्थापक थे। इन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता और नीतियों के बल पर ही इतिहास की धारा को बदल कर रख दिया था। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के बाद भी इन्होंने हार नहीं मानी और अपना धैर्य बनाए रखा। अपने धैर्य और बुद्धि से ही इन्होंने अपने शत्रु घनानंद का नाश करके चंद्रगुप्त को गद्दी पर बिठाया। इनके द्वारा कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे गए। अपने जीवन के अनुभव और गहन अध्ययन को इन्होंने मानव हित के लिए निस्वार्थ भाव ग्रंथों के रुप में पिरोया है। इन्हीं में से नीतिशास्त्र की बातें मनुष्य के जीवन के विभिन्न पहुलुओं पर प्रकाश डालती हैं। यही कारण है कि नीतिशास्त्र की बातें आज भी लोगों के बीच प्रासंगिक हैं। नीति शास्त्र में निजी जीवन से लेकर आर्थिक और सामाजिक जीवन तक महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इसी के अंतर्गत चाणक्य नीति में छह ऐसे लोगों के विषय में बतलाया है जिनके बीच से भूलकर भी नहीं निकलना चाहिए। इनके बीच से निकलने वाले व्यक्ति मूर्ख तो कहलाते ही हैं साथ ही ये मुसीबत में भी पड़ सकते हैं। तो चलिए जानते है इस बारे में विस्तार से।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
विद्वानों व अधिकारियों के बीच से न निकलें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब दो विद्वान या उच्च अधिकारी बात कर रहे हो तो भूलकर भी उनके बीच से नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी बात के बीच में खलल पड़ता है। यदि वे उस समय जरूरी विषय पर बात कर रहे हो तो आपको उनके क्रोध का सामना करना पड़ सकता है। जो आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
ब्राह्मणों के बीच से न निकले
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब ब्राह्मण आपस में चर्चा कर रहे हों उनके बीच से भूलकर भी नहीं निकलना चाहिए। ऐसा करने से ब्राह्मण इसे अपना अपमान समझ सकते हैं और आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। माना जाता है कि ब्राह्मणों के बीच से निकलने से विद्या और धन की हानि भी हो सकती है।

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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
अग्नि के बीच में से न निकलें
वैसे को व्यक्ति कभी जानबूझकर आग के बीच से नहीं निकलेगा लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि अग्नि का लांघन न पड़े। अग्नि के देव माना गया है। इसके बीच से निकलने से आपको जलने का डर तो रहता ही है साथ ही देव अपमान भी होता है। जिससे आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
स्त्री और पुरुष के बीच से न निकलें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब पति-पत्नी आपस बात कर रहे हो तो उनके बीच से भूलकर भी नहीं निकलना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि वे उस समय किसी निजी विषय पर बात कर रहे हो। ऐसे में आपको उनके क्रोध का सामना करना पड़ सकता है। इस तरह का बर्ताव करने वाले को लोग मूर्ख भी समझते हैं।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media
मालिक और नौकर के बीच में से न निकलें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जब मालिक अपने नौकर से बात कर रहा हो तो बिलकुल भी उनके बीच से नहीं निकलना चाहिए। हो सकता है कि मालिक कोई महत्वपूर्ण बात बता रहा हो या फिर नौकर अपने मालिक को कोई आवश्यक सूचना दे रहा हो। यदि ऐसे में आप उनके बीच से निकलते हैं तो आपको उनके क्रोध का भागी बनना पड़ सकता है।
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आचार्य चाणक्य - फोटो : social media
पशुओं के बीच में से भी न निकलें
यदि कहीं से पशुओं का झुंड गुजर रहा हो या दो पशु आपस में लड़ रहे हो तो उस समय चाहें आप कितनी भी जल्दी में क्यों न हो उनके बीच से नहीं निकलना चाहिए अन्यथा आपके प्राणों पर संकट भी आ सकता है।
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