फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budhwa Mangal 2022: ज्येष्ठ मास का मंगलवार कहलाता है बड़ा मंगल, जानें इसका महत्व और पूजन विधि

Tue, 17 May 2022 10:56 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला प्रत्येक मंगल बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहलाता है। - फोटो : amar ujala
Budhwa Mangal 2022: हिन्दू धर्म के अनुसार मंगलवार का दिन हनुमानजी की आराधना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है मंगलवार के दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा पाठ करने से वे प्रसन्न होते हैं। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला प्रत्येक मंगल बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहलाता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़े मंगल पर विधि विधान से हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से साधक को प्रत्येक कष्ट और बाधा से मुक्ति मिलती है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले ये मंगलवार काफी खास हैं। इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी सुनने को मिलती है। कहते हैं कि वन में विचरण करते हुए श्री राम जी से हनुमान जी का मिलन विप्र (पुरोहित) के रूप में इसी दिन हुआ था। एक अन्य कथा के अनुसार महाभारत काल में जब भीम को अपने बल का घमंड हो गया था, तो हनुमान जी ने बूढ़े वानर का रूप रखकर भीम के घमंड को तोड़ा था। इसलिए ज्येष्ठ मास के मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं बड़ा मंगल कब से आरंभ हो रहे हैं। 
विज्ञापन

2 of 6
इस साल ज्येष्ठ महीने का प्रारंभ और समापन दोनों मंगलवार के दिन होगा। - फोटो : अमर उजाला
आज से शुरू है  बड़ा मंगल
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, दशरथनंदन श्री राम पहली बार हनुमान जी से ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही मिले थे, इसलिए इसे बड़ा मंगलवार के नाम से जाना जाता है। ज्येष्ठ माह का आरंभ 17 मई यानि आज से है और समापन 14 जून को है। इस साल ज्येष्ठ महीने की खास बात यह है कि इसका प्रारंभ और समापन दोनों मंगलवार के दिन होगा। ज्येष्ठ मास में इस बार पांच बड़े मंगल मिलेंगे। इस वर्ष 17 मई, 24 मई, 31 मई, 7 जून और 14 जून को बड़े मंगल पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 6
बड़े मंगल या बुढ़वा मंगल को हनुमान जी की पूजा अर्चना और व्रत आदि का विशेष महत्व है। - फोटो : amar ujala
बड़ा मंगल का महत्व 
बड़े मंगल या बुढ़वा मंगल को हनुमान जी की पूजा अर्चना और व्रत आदि का विशेष महत्व है। इस दिन लोगों को दान करना चाहिए।  प्रेत बाधा, दुखों और कष्टों से निवारण के लिए हनुमान जी के बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए।  हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से मनुष्य के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़े मंगलवार को कई मंदिरों में भंडारे भी करवाए जाते हैं। मान्यता है कि इस माह के मंगलवारों को जो भक्त बजरंगबली की पूजा और व्रत करता है, उसके जीवन की नकारात्मक दूर होने के साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। 

4 of 6
चोला चढ़ाते समय हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं। - फोटो : amar ujala
बड़े मंगल की पूजन विधि 
  • बड़े मंगलवार के दिन ब्रह्ममुहूर्त में ही स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। 
  • इसके उपरांत हनुमानजी को लाल रंग का चोला चढ़ाएं। 
  • चोला चढ़ाते समय हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 
  • इसके उपरांत उनको गुलाब की माला अर्पित करें। 
  • हनुमान जी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा केवड़े का इत्र लगाएं।  
  • इसके बाद पान के पत्ते पर जरा सा गुड़ और चना रखकर बजरंगबली को भोग लगाएं। 
विज्ञापन

5 of 6
बड़े मंगलवार के दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए मंत्र जाप करें।
इस मंत्र का करें जाप
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़े मंगलवार के दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए नीचे लिखे मंत्र का तुलसी की माला से जाप करें। ये जाप कम से कम 5 माला होनी चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
धनलाभ के लिए बड़े मंगलवार के दिन करें ये उपाय  - फोटो : amar ujala
धनलाभ के लिए करें ये उपाय 
बड़े मंगलवार के दिन स्नान आदि से निवृत होने के पश्चात बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़कर उसे पानी से साफ कर हनुमान जी के समक्ष रखें। इसके बाद केसर से उस पत्ते पर श्रीराम लिखें और अपने पर्स में रख लें। ऐसा करने से आपको कभी भी धन कमी नहीं होगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें