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Ahoi ashtami 2021: संतान प्राप्ति की है कामना तो अहोई अष्टमी पर करें ये उपाय

Thu, 28 Oct 2021 10:52 AM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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अहोई अष्टमी 2021 - फोटो : self
प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को माताएं अपनी संतान की दीर्घायु व उज्जवल भविष्य की कामना के लिए अहोई अष्टमी Ahoi ashtami का व्रत करती हैं। इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 28 अक्टूबर 2021 दिन बृहस्पतिवार यानी आज किया जाएगा। इस व्रत में माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास करने के बाद शाम को तारों की छांव में अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। ये व्रत विशेषतौर पर संतान प्राप्ति और संतान की दीर्घायु की कामना के लिए किया जाता है। यदि किसी को संतान प्राप्ति की कामना है तो अहोई अष्टमी का व्रत बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन संतान प्राप्ति के लिए पूजा से संबंधित कुछ उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि यह उपाय करने से संतान प्राप्ति की कामना पूर्ण होती है। जिन महिलाओं को संतान प्राप्ति की कामना है वे इन उपायों को कर सकती हैं। तो आइए जानते हैं उपाय।
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अहोई अष्टमी 2021 - फोटो : self
अगर किसी को संतान प्राप्ति की कामना है तो अहोई अष्टमी के दिन व्रत रखकर मां अहोई का पूजन करना चाहिए व पूजन करने के बाद भगवान शिव और माता पार्वती को दूध भात का भोग लगाना चाहिए। संध्या के समय पीपल के नीचे दीपक प्रज्वलित करके परिक्रमा करनी चाहिए व खाने में से एक हिस्सा गाय के लिए भी निकालना चाहिए। मान्यता है कि इससे अहोई माता प्रसन्न होती हैं व आपकी मनोकामना पूर्ण करती हैं।

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ahoi ashtami 2021
अहोई अष्टमी के दिन पूजन में अहोई माता को सफेद पुष्प अर्पित करें। इस दिन घर के सदस्यों की संख्या के अनुसार तुलसी के पौधे लगाने चाहिए व उसके बीच एक छोटा सा तुलसी का पौधा भी लगाना चाहिए। इसके बाद संध्याकाल में तारों की छांव में पूजन करते हुए अहोई माता से संतान प्राप्ति की कामना करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे जल्दी ही आपकी मनोकामना पूर्ण होती है। इन पौधों की नियमित रुप से देखभाल करनी चाहिए।
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अहोई अष्टमी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
शिवलिंग पूर दूध से अभिषेक करें
अहोई अष्टमी के दिन ब्रह्म मूहुर्त में उठकर स्नानादि करने के पश्चात पारद शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करें। भगवान शिव और माता गौरी की का पूजन करें और संतान प्राप्ति की कामना कहें। यह कार्य आपको अहोई अष्टमी से आरंभ करके भाई दूज तक नियमित रुप से करना चाहिए।
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