देवताओं को भी पराजित करने वाला रावण महापंडित और महाज्ञानी था। लेकिन रावण की सबसे बड़ी कमजोरी यह थी कि वह अपने बल और ज्ञान के अहंकार में खुद को ही भगवान मान बैठा था और ईश्वर के बनाए नियमों में बदलाव करना चाहता था। अगर रावण कुछ साल और जीवित रहता तो अपने सात अधूरे काम को पूरा कर लेता और फिर दुनिया कुछ और होती है। देखिए रावण के वह सात अधूरे काम क्या हैं।