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Shardiya Navratri 2020: नवरात्रि पर कैसे करें घटस्थापना, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और पूजा सामग्री

Thu, 15 Oct 2020 02:20 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
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शारदीय नवरात्रि 2020: कलश स्थापना का मुहूर्त और विधि - फोटो : navratri 2020
Shardiya Navratri 2020: शारदीय नवरात्रि पर्व हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। देवी शक्ति की उपासना का यह पर्व 17 अक्तूबर से शुरू हो रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्र पर्व शुरू होता है जो नवमी तिथि तक चलता है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना होती है और भक्त नौ दिनों तक माता रानी का व्रत करते हैं। नवरात्रि के पहले दिन जहां शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करने का विधान है तो वहीं आखिरी दिन कन्या पूजन करके व्रत खोला जाता है। आइए जानते हैं घर पर किस शुभ मुहुर्त में करें घटस्थापना, क्या इसकी संपूर्ण विधि 
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शारदीय नवरात्रि 2020: कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त - फोटो : Rohit Jha
शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त  (Kalash Sthapana Muhurat)
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – अक्तूबर 17, 2020 को 01:00 एएम
प्रतिपदा तिथि समाप्त- अक्तूबर 17, 2020 को 09:08 पीएम
घट स्थापना मुहूर्त का समय प्रात:काल 06:27 बजे से 10:13 बजे तक 
अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा

यह भी पढ़ें: नवरात्रि पर क्यों स्थापित किया जाता है कलश, क्या है इसमें जल भरने और जौ बोने का महत्व
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नवरात्रि 2020: कलश स्थापना की विधि - फोटो : SELF
कलश स्थापना की विधि (Kalash Sthapana Vidhi)
  • सबसे पहले एक पात्र लें। उस पात्र में मिट्टी बिछाएं। फिर पात्र में रखी मिट्टी पर जौ के बीज डालकर उसके ऊपर मिट्टी डालें।
  • अब इसमें थोड़े-से पानी का छिड़काव करें। अब एक कलश लें। इस पर स्वस्तिक बनाएं।
  • फिर मौली या कलावा बांधें। इसके बाद कलश को गंगाजल और शुद्ध जल से भरें।
  • इसमें साबुत सुपारी, फूल और दूर्वा डालें। साथ ही इत्र, पंचरत्न और सिक्का भी डालें।
  • इसके मुंह के चारों ओर आम के पत्ते लगाएं। कलश के ढक्कन पर चावल डालें।
  • देवी का ध्यान करते हुए कलश का ढक्कन लगाएं। अब एक नारियल लेकर उस पर कलावा बांधें।
  • कुमकुम से नारियल पर तिलक लगाकर नारियल को कलश के ऊपर रखें। नारियल को पूर्व दिशा में रखें।
  • कलश पर स्वास्तिक का चिह्न जरूर बनाएं।

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नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की आराधना - फोटो : सोशल मीडिया
नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की आराधना
नवरात्रि व्रत नियम के अनुसार, घटस्थापना के पश्चात् पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। कलश स्थापना के बाद मां का आवाह्न किया जाता है। मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और नवदुर्गा का पहला स्वरूप हैं।

यह भी पढ़ें: नवरात्रि के नौ दिन और वास्तु के नौ उपाय
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शारदीय नवरात्रि 2020: मां दुर्गा की प्रतिमा। - फोटो : social media
कलश स्थापना के लिए जरूरी सामग्री
लाल रंग का आसन खरीदें, कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगारदानी आदि
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शरद नवरात्रि 2020: मां शक्ति की उपासना का महापर्व - फोटो : SELF
शारदीय नवरात्रि तिथि 2020
पहला दिन- प्रतिपदा- मां शैलपुत्री
दूसरा दिन- द्वितीया- मां ब्रह्राचारिणी
तीसरा दिन- तृतीया- मां चंद्रघंटा
चौथा दिन-  चतुर्थी तिथि- मां कूष्मांडा
पांचवा दिन- पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता
छठा दिन- षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी
सातवां दिन- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि
आठवां दिन- अष्टमी तिथि- मां महागौरी
नौवा दिन- नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री
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