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Shani Pradosh Vrat 2025: शनि प्रदोष व्रत में करें ये आसान उपाय, मिलेगी शिव जी और शनिदेव की कृपा

Thu, 22 May 2025 02:45 PM IST
ज्योति मेहरा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। वर्ष 2025 में यह शुभ व्रत 24 मई, शनिवार को पड़ रहा है। चूंकि यह तिथि शनिवार को आ रही है, इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है।
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शनि प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय - फोटो : adobe stock
Shani Pradosh Vrat Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। वर्ष 2025 में यह शुभ व्रत 24 मई, शनिवार को पड़ रहा है। चूंकि यह तिथि शनिवार को आ रही है, इसलिए इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है, लेकिन जब यह शनिवार को आए, तो इसमें शनि देव की भी विशेष पूजा की जाती है।

शनि की बाधाओं से मुक्ति 
शिव पुराण और अन्य ग्रंथों में शनि प्रदोष व्रत की अत्यंत महिमा बताई गई है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक व्रत रखने और भगवान शिव की आराधना करने से अनेक परेशानियां समाप्त होती हैं। विशेष रूप से वे लोग जिन पर शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती का प्रभाव है, उन्हें इस दिन व्रत एवं पूजन करने से राहत मिलती है।

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शनि प्रदोष व्रत के उपाय - फोटो : Amar Ujala
शनि प्रदोष व्रत पर करें ये उपाय
शिवलिंग पर तिल के तेल से अभिषेक करें

इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रातःकाल स्नान करने के बाद शिवलिंग पर तिल के तेल से अभिषेक करें। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही शनिदेव को तिल या सरसों का तेल चढ़ाएं। मान्यता है कि इन दोनों देवताओं की कृपा से दुर्भाग्य दूर होता है।
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पीपल की पूजा करें - फोटो : freepik
पीपल की पूजा करें
शनिवार को त्रयोदशी तिथि होने के कारण पीपल के वृक्ष की पूजा अत्यंत फलदायक मानी जाती है। स्नान के बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर पीपल को अर्घ्य दें। साथ ही वृक्ष की जड़ में पांच प्रकार की मिठाइयां अर्पित करें और 11 बार उसकी परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय अपनी इच्छाओं का मन ही मन उच्चारण करें।

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शनि प्रदोष व्रत - फोटो : adobe stock
मान्यता है कि इस उपाय से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं और शनि से जुड़ी नकारात्मकता समाप्त होती है। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी है जो लंबे समय से संघर्षों का सामना कर रहे हैं।
 

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शनि प्रदोष व्रत - फोटो : adobe stock
शनि प्रदोष व्रत एक अद्भुत योग है जिसमें शिव और शनि दोनों देवताओं की कृपा एक साथ प्राप्त की जा सकती है। यह दिन व्रत, उपासना और ध्यान के माध्यम से नकारात्मकता को समाप्त कर जीवन में शुभता लाने का अवसर प्रदान करता है। 

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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