ज्योतिषियों के मुताबिक जब ज्येष्ठ मास में ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब गर्मी का तापमान अधिक बढ़ जाता है।
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बढ़ती गर्मी का क्या है ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिषियों के मुताबिक जब ज्येष्ठ मास में ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब गर्मी का तापमान अधिक बढ़ जाता है। दरअसल, इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा है और जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, तो चंद्रमा की शीतला कम हो जाती हैं। इसलिए इस 9 दिनों की अवधि में भीषड़ गर्मी पड़ती है। वहीं ज्योतिष में इसे नौतपा कहा जाता है। इसका अर्थ है नौ दिनों तक तप यानी नौ दिनों तक चलने वाली गर्मी।