इस खास दिन पर जगह-जगह प्याऊ और शरबत की शबील लगाई जाती है। कहा जाता है कि इसी दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद के नाती हजरत इमाम हुसैन एक धर्मयुद्ध में शहीद हुए थे। कर्बला यानी कि आज के वक्त का इराक, जहां सन् 60 हिजरी को यजीद इस्लाम धर्म का खलीफा बन बैठा। वह अपने वर्चस्व को पूरे अरब में फैलाना चाहता था, जिसके लिए उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी पैगंबर मुहम्मद के खानदान के इकलौते चिराग इमाम हुसैन, जो झुकने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। इस कारण साल 61 हिजरी से यजीद के अत्याचार बढ़ने लगे। ऐसे में वहां के बादशाह इमाम हुसैन अपने परिवार के साथ मदीना से इराक के शहर कुफा जाने लगे। लेकिन रास्ते में यजीद की फैज ने कर्बला के रेगिस्तान पर इमाम हुसैन के काफिले को रोक दिया।