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Makar Sankranti 2021: जानिए मकर संक्रांति का महत्व, राशि के अनुसार करें दान और पाएं ग्रह दोषों से मुक्ति

Fri, 08 Jan 2021 12:04 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
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मकर संक्रांति 2021: मकर राशि में सूर्य के प्रवेश को देवताओं के दिन का प्रातःकाल माना गया है। - फोटो : अमर उजाला
सभी राशियों के स्वामी भगवान सूर्य 14 जनवरी की सुबह 08 बजकर12 मिनट पर धनु राशि की यात्रा समाप्त करके अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश करने वाले हैं। इस राशि पर गोचर करते ही सूर्य उत्तरायण की यात्रा आरम्भ करेंगे जिसके फलस्वरूप देवताओं के दिन का शुभारंभ हो जाएगा। पृथ्वी वासियों का एक वर्ष देवलोक का एक दिन-रात्रि के बराबर होता है। इस दिन से सभी तरह के मांगलिक कार्य, यज्ञोपवीत, सकाम अनुष्ठान, शादी- विवाह, गृहप्रवेश आदि मुहूर्त आरम्भ हो जायेंगे।

मकर राशि में सूर्य के प्रवेश को देवताओं के दिन का प्रातःकाल माना गया है। इसीलिए वर्ष की सभी संक्रांतियों में मकर संक्रांति का समय पृथ्वी वासियों के लिए सर्वाधिक पुण्य फल दायक रहता है। इस दिन किया गया स्नान, जप-तप, पूजा-पाठ, दान पुण्य का फल अक्षुण  रहता है। दिन का आरम्भ स्नान ध्यान और दान के साथ करना चाहिए। 
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मकर संक्रांति 2021 - फोटो : अमर उजाला
मत्स्य पुराण के अनुसार जिस समय मधु नामक महादैत्य के अत्याचार से सृष्टि त्राहि-त्राहि हो रही थी उसी समय महाविष्णु ने उस दैत्य का वध किया। श्रमस्वरूप श्रीमहाविष्णु के शरीर से पसीने की कुछ बूंदें पृथ्वी पर भी गिरीं, जिनसे तिल, कपास और उड़द की उत्पत्ति हुई। इसीलिए इनसे बनी वस्तुओं का दान किसी भी संक्रांति के दिन किया जाए तो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

सभी रसों में गन्ने का रस और इससे बने पदार्थ दान के लिए सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं। संक्रांति के दिन गुड और तिल से बनी वस्तुएं, कपास से बनी वस्तुएं वस्त्र आदि, पुस्तक दान, धार्मिक ग्रंथों का दान, उड़द का दान तथा अन्न का दान श्रेष्ठ माना गया है।  पौराणिक मान्यता के अनुसार मकर संक्रांति के दिन अलग-अलग राशियों और उनके स्वामी की प्रसन्नता के लिए किन-किन पदार्थों का दान करना अधिक शुभ रहेगा उसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
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मेष राशि
मेष और वृश्चिक राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी मंगल हैं। संक्रांति के दिन इस राशि के जातकों को गुड़ तिल और मूंगफली से बने खाद्य पदार्थ, मूँगा, तांबा, सोना, वस्त्र, ऊनी कंबल तथा पुस्तक, मसूर की दाल, लाल रंग के वस्त्र, शक्कर का दान करने से मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त होगी। सूजी, गाजर अथवा मूंग के हलवे का दान करना भी श्रेष्ठ रहेगा। अपनी शक्ति सामर्थ के अनुसार इन वस्तुओं का दान कर सकते हैं।

सभी के लिए कैसा रहेगा नया साल, पढ़ें राशिफल 2021:

मेष राशिफल 2021 | वृषभ राशिफल 2021 

मिथुन राशिफल 2021 | कर्क राशिफल 2021
 

सिंह राशिफल 2021 | कन्या राशिफल 2021 

तुला राशिफल 2021 | वृश्चिक राशिफल 2021 

धनु राशिफल 2021 | मकर राशिफल 2021 

कुंभ राशिफल 2021 |  मीन राशिफल 2021

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राशि
वृषभ एवं तुला राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी शुक्र हैं। जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह की प्रसन्नता के लिए गाय का घी, दूध, दही, शक्कर, चावल, आटा, मिश्री आदि का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ से बने पदार्थों का दान, स्वर्ण दान, हीरा, सोना, चाँदी, वस्त्र, ऊनी कंबल, पञ्चांग तथा धार्मिक पुस्तकों का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार ही दान करें।
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मिथुन
मिथुन एवं कन्या राशि
इन दोनों राशियों के स्वामी बुध है अतः जन्म कुंडली में बुध के अशुभ प्रभाव को कम करके शुभता वृद्धि के लिए तिल गुड़ मूंगफली और चावल से बनी वस्तुएं, घी, शक्कर, मूंग की दाल और इससे बने खाद्य पदार्थों का दान, पन्ना, काँसे के बने पात्र,सोना, हरे तथा पीले वस्त्र, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों, वस्त्रों एवं ऊनी कंबल आदि का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। अपनी शक्ति सामर्थ्य के अनुसार अवसर का लाभ उठाएं।
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राशि
कर्क राशि
इस राशि के स्वामी चंद्रमा है। चंद्रमा की प्रसन्नता के लिए घी तथा दूध से बने  हुए खाद्य पदार्थ, खीर, दही, चावल, आटा, शक्कर, तिल, और इससे बने मिष्ठान्न का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। मोती, चांदी, सोना, धार्मिक ग्रंथ, शंख का दान, श्वेत वस्त्र तथा ऊनी वस्त्रों का दान करना जन्म कुंडली में चंद्र जनित दोषों से मुक्ति दिलाने तथा पुण्य वृद्धि में सहायक सिद्ध होगा। अपनी शक्ति सामर्थ्य के अनुसार ही दान करें।
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राशि
सिंह राशि
इस राशि के स्वामी सूर्य देव है जो सभी ग्रहों और राशियों के भी स्वामी माने गए हैं। जन्म कुंडली में सूर्य जनित दोषों से मुक्ति तथा उनकी प्रसन्नता के लिए गुड़ और चावल से बने खाद्य पदार्थ, तिल और इससे बने सभी पदार्थ, और घी का दान करना श्रेष्ठ रहेगा। सोना, तांबा से बने पात्र, माणिक्य, लाल रंग की गाय लाल, वस्त्र धार्मिक ग्रंथों तथा वस्त्रों का दान मकर संक्रांति के दिन करना अति पुण्य रहेगा।

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राशि
धनु एवं मीन राशि
इस राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। इनकी की अशुभता में कमी और शुभता में वृद्धि के लिए दही, चावल, पीले रंग के खाद्य पदार्थ मिष्ठान आदि, तिल और गुड़ से बनी सभी वस्तुएं, पीले अनाज, चने की दाल, पुखराज, सोना, कांस्य से बनी वस्तुएं, नमक, घी पीले रंग के वस्त्र, पंचांग तथा धार्मिक ग्रंथों का दान करने से  जन्म कुंडली में बृहस्पति जन्म दोष शांत होंगे। सामर्थ्य के अनुसार ही करें दान।

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राशि
मकर एवं कुंभ राशि
इस राशि के स्वामी सूर्यपुत्र शनिदेव हैं। इन्हीं की राशि मकर में सूर्य देव के आने से इतने बड़े  महामुहूर्त का निर्माण हुआ है। जन्म कुंडली में शनि के अशुभ प्रभाव में कमी तथा शुभ प्रभाव में वृद्धि के लिए हर तरह के अनाज, खिचड़ी, मूंगफली, उड़द तथा मूंग दाल से बने खाद्य पदार्थ, लोहा, काली गाय, काले रंग के वस्त्र, ऊनी कंबल सरसों का तेल तथा नीलम रत्न दान करना श्रेष्ठ रहेगा।
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2021 में राहु - फोटो : अमर उजाला
राहु और केतु
ये दोनों छाया ग्रह हैं अतः जिस राशि अथवा ग्रह के साथ होते हैं उन्हीं का स्वभाव धारण कर लेते हैं। इसीलिए इनके रहस्य तथा जन्म कुंडली में पड़ने वाले प्रभाव को समझ पाना कठिन रहता है। इन दोनों छाया ग्रहों की प्रसन्नता के लिए सप्तधान्य, गोमेद, लहसुनिया, लोहे से बनी वस्तुएं, काले-नीले-भूरे वस्त्र, सरसों का तेल, नारियल का तेल और कंबल का दान करना इनके अशुभ प्रभाव में कमी लाएगा।
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