आषाढ़ कालाष्टमी व्रत 1 जुलाई, गुरुवार को रखा जाएगा। प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी व्रत रखा जाता है। इस दिन शिव शंकर के रुद्र स्वरूप भगवान काल भैरव की पूजा और उपवास करने का विधान है। कालभैरव को काशी का कोतवाल भी कहा जाता है। भगवान काल भैरव की पूजा से भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही कालाष्टमी के दिन व्रत रखकर भगवान भैरव की पूजा से साधक के जीवन के संकट और समस्याएं दूर हो जाती हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 01 जुलाई को अपराह्न 02:01 बजे से शुरू होगी और इस तिथि का समापन 02 जुलाई को अपराह्न 03:28 बजे होगा। कालाष्टमी के दिन विधि-विधान के साथ पूजन करें और भैरव जी को जलेबी अर्पित करें। पूजा के दौरान भैरव चालीसा का पाठ अवश्य करें। इसके अलावा कालाष्टमी के दिन आप इन उपायों को कर भैरवजी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।