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Kalashtami July 2021: कालाष्टमी व्रत से जन्मों जन्मों के पाप होते हैं दूर, जानें क्या हैं व्रत नियम

Tue, 29 Jun 2021 07:52 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
Kalashtami July 2021: कालाष्टमी भगवान भैरवदेव की उपासना का पर्व है। इस दिन भगवान भैरव देव की पूजा विधि-विधान से की जाती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है और आषाढ़ मास का कालाष्टमी व्रत 1 जुलाई गुरुवार को रखा जाएगा। भैरव देव, भगवान शिव के गण और पार्वती के अनुचर माने जाते हैं। भैरवदेव अपने भक्तों के सभी प्रकार के कष्टों को दूर करते हैं। इस व्रत से किसी भी तरह के भय, रोग, शत्रु और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। साथ ही किसी भी तरह का वाद विवाद, कोर्ट कचहरी के मामलों से छुटकारा पाने में भी भगवान काल भैरव आपकी मदद करते हैं। हालांकि भक्तों को व्रत का फल तभी मिलता है जब वह सच्चे मन और विधिनुसार व्रत का पालन करता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भी जातकों को लाभ मिलता है। आइए जानते हैं कालाष्टमी पूजा के नियम....
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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
कालाष्टमी पूजा के नियम
इस दिन भगवान शिव के अंश काल भैरव की पूजा करना विशेष फलदाई है। कालाष्टमी के दिन सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठ कर नित्य-क्रिया आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो गंगा जल नहाने के जल में डालें। भैरव को प्रसन्न करने के लिए उड़द की दाल या इससे निर्मित मिष्ठान जैसे इमरती, मीठे पुए या दूध-मेवा का भोग लगाया जाता है, चमेली का पुष्प इनको अतिप्रिय है। कालाष्टमी के दिन कालभैरव की पूजा के साथ भगवान शिव, माता पार्वती और शिव परिवार की पूजा भी करनी चाहिए। कालभैरव के समक्ष चौमुखी दीपक जलाएं और धूप-दीप से आरती करें।
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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
भय को हरने वाले हैं भैरव देव
भैरव का अर्थ होता है भय को हर के जगत की रक्षा करने वाला। ऐसा भी मान्यता है कि भैरव शब्द के तीन अक्षरों में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों की शक्ति समाहित है। इनकी शक्ति का नाम है 'भैरवी गिरिजा है, जो अपने उपासकों की अभीष्ट दायिनी हैं। इनके दो रूप है पहला बटुक भैरव जो भक्तों को अभय देने वाले सौम्य रूप में प्रसिद्ध है तो वहीं काल भैरव आपराधिक प्रवृतियों पर नियंत्रण करने वाले भयंकर दंडनायक है।

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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
जन्मों जन्मों के पाप होते हैं दूर
नंदीश्वर भी कहते हैं कि जो शिव भक्त शंकर के भैरव रूप की आराधना नित्य प्रति करता है उसके लाखों जन्मों में किए हुए पाप नष्ट हो जाते हैं। इनके स्मरण और दर्शन मात्र से ही प्राणी के सब दुःख दूर होकर वह निर्मल हो जाता है। मान्यता है कि इनके भक्तों का अनिष्ट करने वालों को तीनों लोकों में कोई शरण नहीं दे सकता। 
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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : अमर उजाला
काल भी होता है भयभीत
मान्यता के अनुसार, भगवान भैरव जी से काल भी भयभीत रहता है इसलिए इन्हें काल भैरव एवं हाथ में त्रिशूल, तलवार और डंडा होने के कारण इन्हें दंडपाणि भी कहा जाता है। इनकी पूजा-आराधना से घर में नकारात्मक शक्तियां, जादू-टोने तथा भूत-प्रेत आदि से किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता बल्कि इनकी उपासना से मनुष्य का आत्मविश्वास बढ़ता है।
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कालाष्टमी व्रत जुलाई 2021 - फोटो : अमर उजाला
इस दिन करें ये उपाय
कालिका पुराण के अनुसार भैरव जी का वाहन श्वान है इसलिए विशेष रूप से इस दिन काले कुत्ते को मीठी चीजें खिलाने से भैरव की कृपा मिलती है। ऐसा करने से आपके आस-पास मौजूद नकारात्मक शक्तियों के साथ आर्थिक तंगी की समस्या से भी राहत मिलती है। भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन कालभैवाष्टक का पाठ करना चाहिए,ऐसा करने से आदि-व्याधि दूर होती है।
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