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Jyeshtha Amavasya 2021 Date: इस बार ज्येष्ठ अमावस्या क्यों है खास, जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

Sun, 30 May 2021 05:56 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ज्येष्ठ अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला
यह ज्येष्ठ का महीना चल रहा है और इस महीने आने वाली अमावस्या तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या कहते हैं। इस साल यह तिथि 10 जून को पड़ेगी। धार्मिक शास्त्रों में ज्येष्ठ अमावस्या तिथि का बड़ा महत्व बताया गया है। दरअसल ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत जैसे पावन व्रत त्योहार मनाए जाते हैं। मान्यता है कि अमावस्या तिथि के दिन स्नान, दान, व्रत और पूजा-पाठ से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं इस दिन पितरों की शांति के लिए किया गया कर्मकांड भी फलीभूत होता है।
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ज्येष्ठ अमावस्या 2021: इस साल ज्येष्ठ अमावस्या पर सूर्यग्रहण लग रहा है। - फोटो : अमर उजाला
इस बार ज्येष्ठ अमावस्या है खास
इस बार ज्येष्ठ अमावस्या खास है। क्योंकि इस साल ज्येष्ठ अमावस्या पर सूर्यग्रहण लग रहा है। यह इस साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण दोपहर 01:42 बजे से शुरू होगा जो शाम 06:41 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।  
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हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाई जाती है। - फोटो : social media
शनि जयंती
हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाई जाती है। इस दिन शनि महाराज की विधिनुसार पूजा करने से शनि ग्रह से जुड़े दोष दूर होते हैं। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर शनिदेव का जन्म हुआ था। वे भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र हैं। 

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वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या की पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है। - फोटो : गूगल
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ अमावस्या की पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए इस व्रत को रखती हैं। 
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ज्येष्ठ अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला
ज्येष्ठ अमावस्या की पूजा विधि
  • अमावस्या के दिन पवित्र नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें।
  • सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पितरों का तर्पण करें।
  • तांबे के पात्र में शुद्ध जल, लाल चंदन और लाल रंग के पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
  • पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें।
  • पितृ दोष है से पीड़ित लोगों को पौष अमावस्य का उपवास कर पितरों का तर्पण अवश्य करना चाहिए।
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ज्येष्ठ अमावस्या 2021 - फोटो : अमर उजाला
अमावस्या तिथि की पूजा मुहूर्त
अमावस्या तिथि प्रारम्भ - दोपहर 01:57 बजे (जून 09, 2021)
अमावस्या तिथि समाप्त - शाम 04:22 बजे (जून 10, 2021)
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