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Janmashtami 2021: जन्माष्टमी पर बांसुरी से जुड़े वास्तु उपाय, जो लाएंगे आपके जीवन में खुशहाली

Tue, 24 Aug 2021 06:29 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
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बांसुरी के वास्तु उपाय - फोटो : अमर उजाला
जन्माष्टमी का पर्व इस साल 30 अगस्त, सोमवार को पूरे देश में बड़े धूम-धाम से मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के भक्त कृष्णजी की भक्ति में लीन रहते हैं। जन्माष्टमी के दिन लोग भगवान श्री कृष्ण की पूजा, व्रत आदि भी करते हैं। इसके अलावा इस दिन भक्त प्रभु की कृपा पाने के अनेकों उपाय करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण की सबसे प्रिय बांसुरी के कुछ उपाय करने से आप अपने जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।आइए जानते हैं क्या हैं ये उपाय

वास्तुदोष होगा दूर
भगवान श्री कृष्ण हर पल बांसुरी को अपने साथ रखते थे। प्रेम और शांति का संदेश देने वाली बांस की बांसुरी उनकी शक्ति थी।यदि आपके घर में वास्तु दोष है और इस कारण आप परेशान हैं तो जन्माष्टमी के दिन आप घर में एक बांसुरी लाएं और रात्रि के समय भगवान श्री कृष्ण की पूजा में उस बासुंरी को कृष्णजी को अर्पित कर दें और दूसरे दिन उस बांसुरी को अपने घर में पूर्व की दीवार पर तिरछी लगा दें, ऐसा करने से आपके घर का वास्तुदोष धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा।
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मोरपंखी बांसुरी। - फोटो : अमर उजाला
व्यापार में लाभ के लिए
वास्तु के अनुसार माना जाता है कि जिस घर में लकड़ी की बांसुरी होती है वहां श्री कृष्ण रहते है,जिससे उनकी कृपा आपके ऊपर सदैव बनी रहेगी,घर में कभी भी धन एवं ऐश्वर्य की कमी नहीं होगी। बांसुरी शांति व समृद्धि का प्रतीक मानी गई है अतः घर के मुख्य  द्वार पर बांस की सुन्दर सी बांसुरी लटकाना समृद्धि को आमंत्रित करेगा जिससे परिवार पर श्री कृष्ण की कृपा बनी रहेगी एवं आर्थिक तंगी दूर होने में मदद मिलेगी। अगर आपका व्यापार ठीक नहीं चल रहा हो तो अपने कार्यालय या दुकान के मुख्य द्वार के ऊपर दो बांसुरी लगाएं। जन्माष्टमी के दिन नई बांसुरी को सजाकर भगवान श्री कृष्ण के समक्ष रखकर इसकी पूजा करें,घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
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Happy Janmashtami 2021
नकारात्मक ऊर्जा होगी दूर
बांसुरी भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है इसलिए यह अति पवित्र और पूज्यनीय है। बांसुरी सम्मोहन, ख़ुशी व आकर्षण का प्रतीक मानी गई है। हर कोई इसकी मधुर धुन से आकर्षित हो जाता है। बांसुरी बजाने पर उससे उत्पन्न होने वाली ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है एवं वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है,मन में आनंद की अनुभूति होती है। बांसुरी का स्वर प्रेम बरसाता है इसलिए जिस घर में यह होती है या इसके स्वर गूंजते हैं उस परिवार में परस्पर प्रेम और उल्लास सदैव बना रहता है।अगर आपको लगता है कि आपके घर में नकारात्मक शक्तियों का वास है तो आप चांदी की एक बांसुरी भगवान श्री कृष्ण को अर्पण करें यदि आप चांदी की बांसुरी नहीं खरीद सकते तो आप एक बांस की बांसुरी भी ले सकते हैं। श्री कृष्ण को बांसुरी अर्पित करने के बाद वह बांसुरी अपने घर के ड्राईंग रूम में लगा दें।
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Happy Janmashtami 2021
दांपत्य जीवन में प्रेम के लिए
यदि मानसिक तनाव अधिक रहता हो या पति-पत्नी के बीच अनबन रहती हो,तो जन्माष्टमी के दिन एक बांसुरी लाएं और उस बांसुरी को भगवान श्री कृष्ण को अर्पित करने के बाद वह बांसुरी अपने बैडरूम में अपने बैड के पास रखें। ऐसा करने से आपका वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाएगा। यदि घर में कोई सदस्य बीमार रहता है तो उसके कमरे के दरवाज़े के ऊपर अथवा सिरहाने बांसुरी रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
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