फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Happy Onam Wishes 2020: दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को भेजें ओणम की शुभकामनाएं

Mon, 31 Aug 2020 11:44 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
हैप्पी ओणम 2020 - फोटो : freepik
ओणम त्योहार दक्षिण भारत के राज्य केरल का प्रमुख त्योहार है। ओणम केरल में 10 दिनों तक चलने वाला त्योहार है। मलयालम कैलेंडर के अनुसार श्रावण नक्षत्र को थिरु ओनम के नाम से जाना जाता है। इस दिन इस नक्षत्र के प्रबल होने पर थिरु ओणम की पूजा होती है। 10 दिनों तक चलने वाले ओणम का अंतिम दिन बहुत ही खास होता है। ओणम पर्व में 10 दिनों तक अलग-अलग तरह से पूजा की जाती है जो इस प्रकार है- 1.  एथम  2. चिथिरा 3. चोधी 4. विसाकम 5. अनिज़ाम 6.थ्रिकेता 7. मूलम 8. पूरादम 9. उथिरादम 10. थिरुवोणम।

ओणम के 10 दिन यानी थिरुवोणम पर राजा महाबली अपने राज्य की प्रजा से मिलने आते हैं। ऐसे में इस दिन सभी नगरवासी अपने राजा के स्वागत में घरों को फूलों से सजाते हैं और अच्छे-अच्छे पकवान तैयार करते हैं। इस पर्व के मौके पर अपने करीबियों, दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को ओणम की हार्दिक  शुभकामनाएं दें।
विज्ञापन

2 of 4
onam 2020 - फोटो : freepik
1
अपने घर को फूलों की रंगोली से सजाएं
स्वादिष्ट पकवानों का लुत्फ उठाएं
राजा महाबली का धूमधाम से स्वागत करें
इस त्योहार का पूरे परिवार के साथ आनंद उठाएं
Happy Onam 2020

2
ओणम के साथ ही आपके जीवन में नई रोशनी आए
उन्नति के नये रास्ते खुले
खुशियां सदा के लिए आपके जीवन में बस जाए
आपको और आपके परिवार को ओणम की ढेरों शुभकामनाएं
Happy Onam 2020
विज्ञापन

3 of 4
onam 2020 - फोटो : pixabay
3
ओणम के शुभ अवसर पर
आपके जीवन में खुशहाली आए
अच्छा स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि मिले
आपको और आपके पूरे परिवार को
ओणम की बहुत-बहुत शुभकामनाएं
Happy Onam 2020


ओणम के साथ ही आपके जीवन में नई रौशनी आए
उन्नति के नए रास्ते खुलें
खुशियां सदा के लिए आपके जीवन में बस जाए
आपको और आपके परिवार को ओणम की ढेरों शुभकामनाएं
Happy Onam 2020
विज्ञापन

4 of 4
onam 2020 - फोटो : freepik
क्यों मनाया जाता है ओणम- पौराणिक कथा
ओणम का त्योहार राज्य के सभी नगरवासी अपने  राजा महाबली के नगर भ्रमण आने पर उनके स्वागत में मनाते हैं। राजा बलि असुराज होने पर भी भगवान विष्णु के भक्त थे। मान्यता है कि साल में एक बार पाताल लोक से राजा बलि अपनी प्रजा से मिलने धरती पर आते हैं। इस दिन वामन अवतार और राजा बलि की पूजा के साथ उनका स्वागत किया जाता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें