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Gayatri Jayanti 2021: गायत्री जयंती आज, मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कथा

Mon, 21 Jun 2021 06:40 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गायत्री जयंती 2021 - फोटो : अमर उजाला
गायत्री जयंती पर्व आज है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति वर्ष गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गायत्री जयंती मां गायत्री का जन्मोत्सव है। इसलिए इस दिन उनकी विशेष आराधना की जाती है। हिन्दू धार्मिक शास्त्रों में मां गायत्री को वेद माता के नाम से जाना जाता है। मां गायत्री के पांच मुख और दस हाथ हैं। उनके इस रूप में चार मुख चारों वेदों के प्रतीक हैं एवं उनका पांचवा मुख सर्वशक्तिमान शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। माँ के दस हाथ भगवान विष्णु के प्रतीक हैं एवं त्रिदेवों की आराध्य भी माँ गायत्री को ही कहा जाता है। इस विधि से करें मां गायत्री की आराधना...
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गायत्री जयंती 2021 - फोटो : अमर उजाला
गायंत्री जयंती 2021 मुहूर्त
एकादशी तिथि प्रारंभ - 20 जून दिन रविवार को शाम 04 बजकर 21 मिनट से
एकादशी तिथि का समापन - 21 जून दिन सोमवार को दोपहर 01 बजकर 31 मिनट पर
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गायत्री जयंती 2021 - फोटो : अमर उजाला
गायत्री जयंती पूजा विधि
  • पंचकर्म के माध्यम से अपने शरीर को पवित्र बनाएं।
  • पंचकर्मों में पवित्रीकरण, आचमन, शिखा वंदन, प्राणायाम और न्यास शामिल है। 
  • फिर देवी पूजन के लिए मां गायत्री की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठें। 
  • सच्चे मन से मां का स्मरण करें। 
  • मां को जल, अक्षत, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य अपर्ण करें।
  • गायत्री मंत्र की तीन माला या कम से कम 15 मिनट तक मंत्र उच्चारण करें।

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गायत्री जयंती 2021 - फोटो : अमर उजाला
गायत्री मंत्र
गायत्री जयंती पर गायत्री मंत्र का जाप करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है- ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
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गायत्री जयंती 2021 - फोटो : अमर उजाला
गायत्री जयंती की कथा 
शास्त्रों के अनुसार सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा जी के मुख से गायत्री मंत्र प्रकट हुआ था। मां गायत्री की कृपा से ब्रह्माजी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या अपने चारों मुखों से चार वेदों के रूप में की थी। आरम्भ में मां गायत्री की महिमा सिर्फ देवताओं तक ही थी, लेकिन महर्षि विश्वामित्र ने कठोर तपस्या कर मां की महिमा अर्थात् गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहुंचाया।
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