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Gangaur Teej 2022: आज गणगौर तीज पर करें ये आसान उपाय, बना रहेगा सौभाग्य और सुख-समृद्धि

Mon, 04 Apr 2022 07:31 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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गणगौर का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर चैत्र शुक्ल की तृतीया को गणगौर तीज पर व्रत पूजन के साथ समापन होता है। - फोटो : अमर उजाला
Gangaur Teej 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर तीज मनाई जाती हैं। इस बार गणगौर तीज का व्रत 4 अप्रैल 2022  दिन सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में गणगौर पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विधि विधान से की जाती है। यहां  गण का अर्थ भगवान शिव एवं गौर का अर्थ माता पार्वती से है। खासतौर पर गणगौर तीज का व्रत मध्य प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाता है। गणगौर का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर चैत्र शुक्ल की तृतीया को गणगौर तीज पर व्रत पूजन के साथ समापन होता है। गणगौर मुख्य रूप से राजस्थान का लोकपर्व है, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में भी इसे मनाया जाता है। गणगौर तीज के दिन शंकर-पार्वती को प्रसन्न करने के लिए कुछ ऐसे उपाय हैं जो आपको न सिर्फ सौभाग्य प्रदान करते हैं बल्कि घर में सुख समृद्धि भी लेकर आते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो उपाय- 
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गणगौर तीज पर माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करें। - फोटो : istock
  • गणगौर तीज पर माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करते समय  देवी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें और भगवान शिव को सफेद वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद भोग लगाएं और आरती करें। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि आती है।
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माता पार्वती को शक्कर का भोग लगाकर उसका दान करने से भक्त को दीर्घायु प्राप्त होती है।
  • माता पार्वती को शक्कर का भोग लगाकर उसका दान करने से भक्त को दीर्घायु प्राप्त होती है। दूध चढ़ाकर दान करने से सभी प्रकार के दु:खों से मुक्ति मिलती है। 

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माता पार्वती को मालपुआ चढ़ाकर दान करते हैं तो सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। - फोटो : malpua
  • गणगौर तीज के दिन यदि माता पार्वती को मालपुआ चढ़ाकर दान करते हैं तो सभी प्रकार की समस्याएं अपने आप ही समाप्त हो जाती है।
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गणगौर तीज के दिन माता पार्वती को घी का भोग लगाने तथा उसका दान करने से रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है। - फोटो : डेमो फोटो
  • गणगौर तीज के दिन माता पार्वती को घी का भोग लगाने तथा उसका दान करने से रोगी को कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा वह निरोगी हो जाता है। 
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सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने से भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • शिवपुराण के अनुसार, गणगौर तीज के दिन लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने से भोग व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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भगवान शिव को चमेली के फूल चढ़ाने से वाहन सुख मिलता है। - फोटो : pinterst
  • गणगौर तीज के दिन भगवान शिव को चमेली के फूल चढ़ाने से वाहन सुख मिलता है। अलसी के फूलों से शिव का पूजन करने से मनुष्य भगवान विष्णु को प्रिय होता है

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उदयातिथि के आधार पर गणगौर तीज व्रत 04 अप्रैल को रखा जाएगा।  - फोटो : istock
गणगौर तीज 2022 तिथि
तृतीया तिथि आरंभ: 03 अप्रैल, रविवार दोपहर 12:38 बजे से 
तृतीया तिथि समाप्त : 04 अप्रैल, सोमवार दोपहर 01:54 बजे पर 
उदयातिथि के आधार पर गणगौर तीज व्रत 04 अप्रैल को रखा जाएगा। 
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गणगौर तीज कुंवारी और विवाहित महिलाएं अपने सौभाग्य और अच्छे वर की कामना करने के लिए करती हैं। - फोटो : istock
गणगौर तीज का महत्व 
गणगौर तीज कुंवारी और विवाहित महिलाएं अपने सौभाग्य और अच्छे वर की कामना करने के लिए करती हैं। इस दिन माता पार्वती और भगवान शंकर की आराधना की जाती है। 17 दिन  चलने वाले इस पर्व का समापन चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर होता है। कुंवारी, विवाहित और नवविवाहित महिलाएं इस दिन नदी, तालाब या शुद्ध स्वच्छ शीतल सरोवर पर जाकर गीत गाती हैं और गणगौर को विसर्जित करती हैं। यह व्रत विवाहित महिलाएं पति से सात जन्मों का साथ, स्नेह, सम्मान और सौभाग्य पाने के लिए करती हैं।  
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