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Chhath 2021 puja Samagri: पहली बार कर रहे हैं छठ व्रत, तो यहां जानिए तिथि, महत्व, व्रत विधि और पूजन सामग्री सूची

Sun, 07 Nov 2021 01:49 PM IST
शशि सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
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छठ पूजा 2021 - फोटो : अमर उजाला।
आस्था का महापर्व छठ को लोग बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। छठ के दौरान हर ओर एक अलग ही छठा बिखरी होती है। वैसे तो मुख्य रूप से छठ पूजा का पर्व बिहार, झारखंड, और उत्तर प्रदेश की कई जगहों पर मनाया जाता है लेकिन अब यह पर्व एक संस्कृति बन चुका है और देश से लेकर विदेशों तक में छठ के प्रति आस्था देखने को मिलती है। प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ का पर्व मनाया जाता है लेकिन इसका आरंभ कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से ही हो जाता है। यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है। इस दौरान महिलाएं और पुरुष लगभग 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखते हैं। छठ व्रत में बहुत सारी सामाग्री की आवश्यकता होती है और बहुत सी बातों को ध्यान में रखना होता है। यदि आप पहली बार व्रत करने जा रहे हैं तो यहां जानिए व्रत की तारीखें, व्रत विधि और पूजन सामाग्री लिस्ट।
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छठ पूजा 2021 - फोटो : अमर उजाला।
छठ पूजा की तारीखें-
छठ का पर्व कार्तिक मास में शुक्ल की चतुर्थी तिथि, नहाय-खाय से आरंभ हो जाता है। इस बार छठ पर्व का आरंभ 08 नवंबर दिन सोमवार से हो रहा है। इसके अगले दिन 09 नवंबर दिन मंगलवार को खरना किया जाएगा और अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य दिया जाएगा। 10 नवंबर 2021 दिन बुधवार को षष्ठी तिथि है इस दिन छठ पर्व का मुख्य दिन का पूजन किया जाएगा। इसके अगले दिन सप्तमी को प्रातः उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।
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छठ पूजा 2021 - फोटो : अमर उजाला
छठ पर्व का महत्व-
छठ के व्रत में मुख्य रूप से सूर्य की उपासना और छठी मईया की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि छठ का व्रत करने से छठी मईया प्रसन्न होकर संतान को दीर्घायु का वरदान देती हैं। इसलिए संतान प्राप्ति और संतान की लंबी आयु अच्छे स्वस्थ जीवन व पारिवारिक सुख समृद्धि की कामना के लिए छठ का व्रत रखा जाता है।

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छठ पूजा 2021
छठ व्रत पूजन सामग्री लिस्ट-
छठ का प्रसाद रखने के लिए बांस की दो तीन बड़ी टोकरी, पूजन के समय फल, प्रसाद आदि रखने के लिए बांस का बना सूप, लाल सिंदूर, अगोला (हरे पत्ते, गन्ने का आगे का भाग) सहित गन्ना, थाली, अर्घ्य देने के लिए लोटा, चावल, सुथनी फल व शकरकंद डाभ (बड़ा वाला मीठा नींबू), सिंघाड़े, नारियल, साबुत पूजा सुपारी, हल्दी का हरा पौधा या फिर हल्दी, शहद, कपूर, पारंपरिक तरीके से बना ठेकुआ का प्रसाद, धूप-दीप आदि।
 
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छठ पूजा 2021 - फोटो : Self
छठ पूजा विधि-
छठ के प्रथम दिन नहाय-खाय से व्रत के नियम शुरू हो जाते हैं। इस दिन घर की सारी साफ-सफाई कर ली जाती है। स्नान करने के पश्चात व्रत का संकल्प लिया जाता है और चना दाल, कद्दू की सब्जी व चावल का प्रसाद बनाकर खाया जाता है। इसके अगले दिन खरना किया जाता है। इस दिन पूरे दिन व्रत किया जाता है और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर गुड़ व चावल की खीर बनाकर छठी मईया को अर्पित की जाती है और अस्तचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य दिया जाता है। इस खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण करने के पश्चात छठ के कठिन व्रत का आरंभ हो जाता है। षष्ठी तिथि को प्रातः नदी या सरोवर पर जाकर जल में खड़े होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और छठ का मुख्य पूजन होता है। संध्या समय पुनः नदी या सरोवर पर जाकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। सप्तमी तिथि को फिर से उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और इस दिन व्रत का पारणा किया जाता है।
 
 
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