फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chaitra Navratri 2021: 20 अप्रैल को है नवरात्रि की अष्टमी तिथि, 21 नवमी, जानें कब करें कन्या पूजन

Mon, 19 Apr 2021 06:45 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
चैत्र नवरात्रि 2021: कन्या पूजन - फोटो : सोशल मीडिया
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 13 अप्रैल से शुरू हुआ था। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। इस पर्व में नौ दिनों तक व्रत रखे जाते हैं। जहां घटस्थापना से नवरात्रि व्रत की शुरूआत होती है तो वहीं कन्या पूजन के साथ व्रत का समापन भी किया जाता है। अष्टमी और नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन किया जाता है।
विज्ञापन

2 of 5
चैत्र नवरात्रि 2021: कन्या पूजन - फोटो : सोशल मीडिया
अष्टमी और नवमी तिथि
हिन्दू पंचांग के अनुसार 20 अप्रैल 2021 रात्रि 12 बजकर 01 मिनट के बाद से अष्टमी तिथि शुरू हो जायेगी। जो कि 20 अप्रैल को पूरे दिन रहेगी और 21 अप्रैल रात्रि 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि का प्रारंभ होगी। जो 22 अप्रैल 2021 मध्यरात्रि 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त अष्टमी और नवमी दोनों दिन है।
विज्ञापन

3 of 5
चैत्र नवरात्रि 2021: कन्या पूजन - फोटो : सोशल मीडिया
अष्टमी तिथि शुभ मुहूर्त (20 अप्रैल 2021)
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04:11 से 21 अप्रैल 04:55 बजे तक
अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:22 बजे से शाम 06:46 बजे तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:17 बजे से दोपहर 03:08 बजे तक
अमृत काल- 21 अप्रैल रात्रि 01:17 बजे से 21 अप्रैल 2021 सुबह 02:58 बजे तक

4 of 5
चैत्र नवरात्रि 2021: कन्या पूजन - फोटो : सोशल मीडिया
नवमी शुभ मुहूर्त (21 अप्रैल 2021)
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 10 मिनट से, सुबह 04 बजकर 54 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 17 मिनट से 03 बजकर 09 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 22 मिनट से 06 बजकर 46 मिनट तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 11 बजकर 45 मिनट से 22 अप्रैल मध्य रात्रि 12 बजकर 29 मिनट तक
रवि योग मुहूर्त- 2021 को शाम 07 बजकर 59 मिनट से 22 अप्रैल को शाम 05 बजकर 39 मिनट तक
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चैत्र नवरात्रि 2021: कन्या पूजन - फोटो : सोशल मीडिया
इस विधि से करें कन्या पूजन
  • सभी नौ कन्याओं और एक कंजक के पैर स्वच्छ जल से धोकर उन्हें आसन पर बिठाएं।
  • अब सभी कन्याओं का रोली या कुमकुम और अक्षत से तिलक करें।
  • इसके बाद गाय के उपले को जलाकर उसकी अंगार पर लौंग, कर्पूर और घी डालकर अग्नि प्रज्वलित करें।
  • इसके बाद कन्याओं के लिए बनाए गए भोजन में से थोड़ा सा भोजन पूजा स्थान पर अर्पित करें।
  • अब सभी कन्याओं और कंजक के लिए भोजन परोसे। 
  • उन्हें प्रसाद के रूप में फल, सामर्थ्यानुसार दक्षिणा अथवा उनके उपयोग की वस्तुएं प्रदान करें।
  • सभी कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हें सम्मान पूर्वक विदा करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें