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Bhai Dooj 2021 Date: आज शुभ संयोग में भाई दूज का त्योहार, जानिए शुभ मुहूर्त और कथा

Sat, 06 Nov 2021 09:05 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री, ज्योतिषाचार्य, नई दिल्ली
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bhai dhooj shubh muhurat time - फोटो : अमर उजाला
Bhai Dooj 2021 Date And Time Kab Hai Bhai Dooj: यमदेव और मां यमुना के द्वारा निर्मित का पर्व भाईदूज 06 नवंबर, शनिवार को मनाया जा रहा है। यह अद्भुत संयोग है कि इस दिन शनिवार भी है क्योंकि शनिदेव ने भी मां यमुना को वरदान दिया हुआ है कि जो प्राणी शनिवार अर्थात मेरे दिन तुम्हारा दर्शन करेगा उसे शनि की शाढ़ेसाती, ढैया और मारक दशाओं का कुप्रभाव नहीं झेलना पड़ेगा। कुछ इसी तरह का वरदान यमदेव ने भी अपनी बहन यमुना को दिया हुआ है कि जो भी भाई कार्तिक शुक्लपक्ष द्वितीया को अपनी बहन के घर जाकर तिलक कराएगा उसे यमदंड का कष्ट नहीं सहना पड़ेगा। इस दिन बहनें अपने भाईयों के माथे पर चंदन, अक्षत अथवा रोली का तिलक लगाकर उनकी आरती उतारती हैं फिर दाहिने हाथ में कलावा बांधकर गंध, अक्षत और पुष्प से आशीर्वाद देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं कार्य-व्यापार में कामयाबी की कामना करती हैं। भाई को मिष्ठान्न आदि खिलाती हैं उपहार स्वरूप भाई भी बहनों को वस्त्राभूषण देकर उन पर स्नेहवर्षा करते हैं।
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भाई दूज की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
संध्या के समय बहनें भाइयों की लम्बी उम्र की कामना के लिए यमदेव को प्रसन्न करने के उद्देश्य से अपने दरवाजे पर चार मुखवाला दीप दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार यमुना अपने भाई 'यम' से बड़ा स्नेह करतीं थीं वे भाई यम से बार-बार निवेदन करती कि वह उसके घर आएं और भोजन करें। यमराज अपने काम में व्यस्त रहने के कारण यमुना की बात को टाल जाते। 
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भाई दूज की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
बहुत समय व्यतीत हो जाने पर एक दिन'यम' को बहन यमुना की बहुत याद आई। उन्होंने दूतों से यमुना को ढूढ़ने के लिए कहा, लेकिन उन्हें तलाशने में दूत बिफल रहे तब यमराज स्वयं ही गोलोक गए जहाँ विश्राम घाट पर यमुना जी से भेंट हुई, भाई को देखते ही यमी ने भावविभोर हो उनका स्वागत सत्कार किया तथा उन्हें परम स्वादिष्ट भोजन करवाया। इससे प्रसन्न हो यमदेव ने कहा बहन ! वरदान में जो चाहे मांग लो, बहन यमी के मन में जन कल्याण की चिंता हुई और उन्होंने कहा, भैया मुझे वरदान दो कि जो प्राणी मेरे जल में स्नान करें उन्हें यमपुरी की कठोर यातनायें न सहनी पड़े। 
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भाई दूज की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
जनकल्याण के प्रति बहन की व्याकुलता देख यमदेव ने कहा, 'एवमस्तु' ! अर्थात ऐसा ही हो ! किंतु जो प्राणी अपनी बहन का तिरस्कार करेंगे उन्हें बार-बार अपमानित करेंगे उन्हें मैं यमपाश में बांधकर यमपुरी ले जाऊँगा फिर भी यदि वह तुम्हारे जल में स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य देगा तो उसे स्वर्गलोक में स्थान मिलेगा। तभी से यह त्योहार मनाया जाता है, जिनकी बहनें दूर रहती हैं, वे भाई अपनी बहनों से मिलने भाईदूज पर अवश्य जाते हैं और उनसे टीका कराकर उपहार आदि देते हैं। मत्स्य पुराण के अनुसार 'भाईदूज' को मृत्यु के देवता 'यम' को प्रसन्न करने के लिये उनका षोडशोपचार विधि से पूजन किया जाता है। ब्रजमंडल में इसदिन बहनें अपने भाईयों के साथ यमुना में स्नान करती हैं, यमुना तट पर भाई-बहन का साथ-साथ स्नान एवं भोजन करना कल्याणकारी माना जाता है।
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