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पानी के लिए सड़कों पर लोग, बर्तन लेकर अफसरों के दफ्तर भी पहुंचे

Sat, 09 Apr 2016 10:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिमला में पानी के लिए लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र में पानी की बूंद बूंद को तरस रहे लोग सड़कों पर उतर आए हैं। टूटू क्षेत्र के शिवनगर, विजयनगर, लोअर टुटू, मझयार, लक्ष्मीनारायण मंदिर, गोविंद मुहला, यादगार, ढैंड़ा, टुटू चौक, जतोग क्षेत्र के लगभग 20000 लोग करीब चार महीनों से पानी की समस्या को लेकर भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
शिमला में पानी के लिए लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र में पानी की बूंद बूंद को तरस रहे लोग सड़कों पर उतर आए हैं। टूटू क्षेत्र के  शिवनगर, विजयनगर, लोअर टुटू, मझयार, लक्ष्मीनारायण मंदिर, गोविंद मुहला, यादगार, ढैंड़ा, टुटू चौक, जतोग क्षेत्र के लगभग 20000 लोग करीब चार महीनों से पानी की समस्या को लेकर भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं।

 
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गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इसमें करीब 300 स्थानीय लोगों शामिल हुए। इसमें अधिकतर महिलाएं थीं। उन्होंने टुटू चौक पर आईपीएच विभाग, नगर निगम और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। - फोटो : अमर उजाला
गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इसमें करीब 300 स्थानीय लोगों शामिल हुए। इसमें अधिकतर महिलाएं थीं। उन्होंने टुटू चौक पर आईपीएच विभाग, नगर निगम और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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उसके बाद करीब 12 बजे प्रदर्शनकारियों ने यादगार में स्थित आईपीएच विभाग की ओर रुख कर आईपीएच के अधिकारियों का घेराव किया। - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद करीब 12 बजे प्रदर्शनकारियों ने यादगार में स्थित आईपीएच विभाग की ओर रुख कर आईपीएच के अधिकारियों का घेराव किया।

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यहां बर्तन लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आईपीएच एक्सईएन को बुलाने को कहा तभी एसडीओ भी आ गए और लोगों से पानी को लेकर चर्चा की लेकिन जनता मानने को तैयार नही थी। उन्होंने कहा वह इस मामले में सिर्फ एक्सईएन से ही बात करेंगे। इस बीच करीब एक घटे तक स्थानीय लोग आईपीएच विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कार्यालय में अफसरों से नोकंझोंक भी हो गई। - फोटो : अमर उजाला
यहां बर्तन लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आईपीएच एक्सईएन को बुलाने को कहा तभी एसडीओ भी आ गए और लोगों से पानी को लेकर चर्चा की लेकिन जनता मानने को तैयार नही थी। उन्होंने कहा वह इस मामले में सिर्फ एक्सईएन से ही बात करेंगे। इस बीच करीब एक घटे तक स्थानीय लोग आईपीएच विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कार्यालय में अफसरों से नोकंझोंक भी हो गई।
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1:30 बजे के करीब आईपीएच एक्सईएन कार्यालय पहुंचे और स्थानीय जनता से बातचीत कर आश्वासन दिया कि वह आज से ही खुद फील्ड ड्यूटी में तैनात रहेंगे। स्थानीय लोगों ने आईपीएच विभाग पर ये आरोप लगाया कि टुटू में लगभग 230 के करीब पब्लिक टैब लगे है जबकि उनमें से करीब 130 टैब निजी मकानों के बाहर लगे हुए है और उन्हीं पब्लिक टैबों से निजी मकान वालों को भी अवैध कनेक्शन दिए हए हैं। - फोटो : अमर उजाला
1:30 बजे के करीब आईपीएच एक्सईएन कार्यालय पहुंचे और स्थानीय जनता से बातचीत कर आश्वासन दिया कि वह आज से ही खुद फील्ड ड्यूटी में तैनात रहेंगे। स्थानीय लोगों ने आईपीएच विभाग पर ये आरोप लगाया कि टुटू में लगभग 230 के करीब पब्लिक टैब लगे है जबकि उनमें से करीब 130 टैब निजी मकानों के बाहर लगे हुए है और उन्हीं पब्लिक टैबों से निजी मकान वालों को भी अवैध कनेक्शन दिए हए हैं।
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लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि जनता की समस्या को ध्यान में रखकर नगर निगम टुटू के लिए 2 लाख लीटर पानी दे ताकि आईपीएच इस पानी को जनता में वितरण कर सके और कहा कि अगर पानी की किल्लत तुरंत दुर न हुई तो जनता का आंदोलन उग्र होगा और 18 अप्रैल को सड़कों पर उतरकर महाधरना दिया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला
लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि जनता की समस्या को ध्यान में रखकर नगर निगम टुटू के लिए 2 लाख लीटर पानी दे ताकि आईपीएच इस पानी को जनता में वितरण कर सके और कहा कि अगर पानी की किल्लत तुरंत दुर न हुई तो जनता का आंदोलन उग्र होगा और 18 अप्रैल को सड़कों पर उतरकर महाधरना दिया जाएगा।
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स्थानीय निवासी अनिल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करे क्योंकि आईपीएच विभाग के कुछ कर्मचारी सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे है जिसका खामियाजा टुटू की जनता को पानी न देकर सहना पड़ रहा है। कामना गोशाला के प्रधान ने कहा कि मवेशियों के लिए भी पानी नहीं बचा है। सरकार को जल्दी से जल्दी हैंडपंप की व्यवस्था करनी चाहिए। - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी अनिल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करे क्योंकि आईपीएच विभाग के कुछ कर्मचारी सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे है जिसका खामियाजा टुटू की जनता को पानी न देकर सहना पड़ रहा है। कामना गोशाला के प्रधान ने कहा कि मवेशियों के लिए भी पानी नहीं बचा है। सरकार को जल्दी से जल्दी हैंडपंप की व्यवस्था करनी चाहिए।
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