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वीरभद्र सिंह: पार्थिव देह के सामने विक्रमादित्य सिंह का हुआ राजतिलक, 123वें राजा बने, वाद्य यंत्रों से गूंजी राजा की रियासत

Sat, 10 Jul 2021 06:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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विक्रमादित्य सिंह का राजतिलक पर्दे में किया गया। - फोटो : अमर उजाला
वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर के सामने पद्म पैलेस में उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह का राज्याभिषेक हुआ। इसी के साथ उन्हें बुशहर रियायत का 123वां राजा चुन लिया गया। बुशहर रियासत भगवान कृष्ण की वंशावली से संबंधित मानी जाती है। सुबह उन्हें पीपल के पेड़ के नीचे राजगद्दी पर बैठाया गया। यह प्रक्रिया परदे में हुई। इस दौरान इसके लिए बनाए राजगद्दी कक्ष में केवल राजपरिवार के चुनिंदा लोगों और पुरोहितों को ही अंदर आने की अनुमति रही। दोपहर बाद जैसे ही वीरभद्र सिंह की पार्थिव देह बाहर लाई गई तो उन्हें महल के भीतर राज सिंहासन पर बैठाया गया। इस दौरान पारंपरिक लोकवाद्य यंत्रों की ध्वनियों से राजा की रियासत गूंज उठी। शनिवार को रामपुर बुशहर, जुब्बल, कुल्लू आदि रियासतों से बड़ी संख्या में लोग पद्म पैलेस के लिए उमड़ आए।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश भर से कई नेताओं सहित हजारों लोग यहां पहुंचे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता पवन बंसल, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
 
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- फोटो : अमर उजाला
लोगों ने वीरभद्र सिंह के हरिद्वार में क्रिया कर्म के लिए पारंपरिक अंशदान दिया है। किसी ने सौ रुपये दिए तो किसी ने दो हजार रुपये दिए हैं। बुशहर रियासत के अलावा कुल्लू रियासत के लोगों ने भी पारंपरिक अंशदान दिया है।

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- फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की शवयात्रा में 20 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त कर लिए हैं। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विभिन्न कदम उठाए हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का रामपुर के जोबनी बाग में शाही सम्मान के साथ दाह संस्कार किया जाएगा। इस श्मशान घाट में राज परिवार से संबंध रखने वाले राजा और रानियों के लिए विशेष स्थान है। यहां वर्षों पहले मृत्यु प्राप्त कर चुके राजा और रानियों के शिलालेख और चित्र आज भी मौजूद हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
दोपहर तीन बजे मोक्षधाम जोबनी बाग में वीरभद्र सिंह की पार्थिव देह को उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह उन्हें मुखाग्रि देंगे। इससे पूर्व राज दरबार परिसर से मुख्य बाजार होते हुए शवयात्रा निकाली जाएगी।
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