कारगिल युद्ध में मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र पाने वाले पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा की प्रेम कहानी भले ही अधूरी रही हो, लेकिन उनकी प्रेमिका आज भी रिश्ता कायम रखे हुए हैं। पंजाब विवि में पढ़ाई करते दोनों में प्यार हो गया, शादी की कस्में भी खा लीं। विक्रम ने अपने पापा को भी बता दिया था कि शादी उसी लड़की से करूंगा, लेकिन सात जुलाई 1999 को देश के लिए कुर्बान हो गए।