ज्योतिष शोधार्थी गुरमीत बेदी
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ज्योतिष शोधार्थी गुरमीत बेदी ने बताया कि 16 जुलाई को सूर्य के कर्क राशि में आते ही कर्क सक्रांति भी होगी और उस दिन कामिका एकादशी भी होगी। श्रावण मास की इस सक्रांति का विशेष महत्व होगा। 16 जुलाई को सुबह 10:25 पर सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहां वे 16 अगस्त 2020 को शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेंगे। सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करते ही छह महीने के उत्तरायण काल का अंत हो जाएगा और कर्क संक्रांति के दिन से ही दक्षिणायन की शुरुआत होगी जो आगामी छह महीने तक यानी मकर सक्रांति तक चलेगी। हमारे शास्त्रों के अनुसार जिस तरह से मकर सक्रांति से अग्नि तत्व बढ़ता है और चारों तरफ सकारात्मक और शुभ ऊर्जा का संचार होने लगता है, उसी तरह कर्क संक्रांति से जल तत्व की अधिकता हो जाती है यानी सूर्य देव के दक्षिणायन होने से नकारात्मक शक्तियां प्रभावी हो जाती हैं और देव शक्ति कमजोर होने लगती है।