हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इतिहास में शुक्रवार का दिन शर्मसार करने वाला रहा। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन के अंदर और बाहर कांग्रेस ने जमकर हंगामा और नारेबाजी की। सदन से बाहर निकलते ही राज्यपाल का रास्ता रोकने के दौरान हुई धक्का-मुक्की के बाद सत्तापक्ष के प्रस्ताव पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री समेत कांग्रेस के पांच विधायकों को इस सत्र के लिए निलंबित कर दिया। उधर, विधानसभा सचिवालय प्रशासन ने कांग्रेस विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर राज्यपाल को रोकने की कोशिश के लिए प्रासंगिक धाराओं के तहत शिमला के बालूगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।
शुक्रवार सुबह सदन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, कांग्रेस विधायकों ने हंगामा कर दिया। हंगामा बढ़ने पर राज्यपाल ने अभिभाषण के 14 बिंदू पढ़ने के बाद बाकी पढ़ा हुआ समझा जाए कहकर उसे सदन के पटल पर रख दिया। इस पर विपक्ष उग्र हो गया। मुकेश अग्निहोत्री ने अभिभाषण को पूरा न पढ़ने पर इसे झूठ का पुलिंदा बता दिया। सदन की कार्यवाही को सोमवार 1 मार्च दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद राज्यपाल विधानसभा अध्यक्ष के कमरे में चले गए, जबकि विपक्ष के विधायकों ने कौंसिल चैंबर के गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। थोड़ी देर बाद राज्यपाल राजभवन जाने के लिए विधानसभा परिसर से निकले तो कांग्रेस विधायकों ने उनका रास्ता रोककर नारेबाजी शुरू कर दी।