हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित पराशर झील प्रकृति का अनुपम सौंदर्य समेटे हुए है। प्रकृति की सुंदरता के इस दार्शनिक स्थल को देखकर आपका मन रोमांचित हो जाएगा। बरसात के मौसम के बीच यहां की वादियों में हरियाली छा गई है। समंदर तल से 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पराशर झील के नजारे जन्नत से कम नहीं हैं। पर्यटकों को यहां ठहरने के लिए रेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। खाने की सामग्री, पीने का पानी, दवाई व अन्य सामान अपने साथ ले जाना जरूरी है। प्राकृतिक सौंदर्य के अतिरिक्त झील में तैरता एक भूखंड भी है। झील में तैर रहे भूखंड को स्थानीय भाषा में टाहला कहते हैं। यह सभी के लिए आश्चर्य है क्योंकि यह भूखंड झील में इधर से उधर टहलता है। झील के किनारे आकर्षक पैगोडा शैली में निर्मित मंदिर है जिसे 14वीं शताब्दी में मंडी रियासत के राजा बाणसेन ने बनवाया था।