फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रावण ने यहां बनाई थी स्वर्ग की दूसरी सीढ़ी, हर साल बढ़ता है शिवलिंग का आकार

Thu, 02 Mar 2017 04:34 PM IST
हितेश शर्मा/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
विज्ञापन
1 of 7
स्वर्ग की दूसरी पौड़ी के नाम से विख्यात है पौड़ीवाला शिवधाम। घने जंगल के बीच बसे इस शिवधाम का अलग ही महत्व है। हिमाचल के सिरमौर जिले के नाहन से सात किलोमीटर की दूरी पर यह शिवधाम स्थित है। मान्यता है कि महादेव के इस मंदिर में शिवलिंग का आकार प्रतिवर्ष चावल के दाने के समान बढ़ता है। 
विज्ञापन

2 of 7
सिरमौर जिला के मुख्यालय नाहन के समीप पौड़ीवाला में स्थित पौराणिक शिवालय देश के प्राचीन मुख्यालयों में से एक है। इसका इतिहास लंकाधिपति रावण से जुड़ा है। जनश्रुति के अनुसार रावण ने अमरता प्राप्त करने के लिए भगवान भोलेनाथ की घोर तपस्या की।
विज्ञापन

3 of 7
तपस्या से प्रसन्न होकर शिव शंकर भगवान ने उन्हें वरदान देकर कहा कि यदि एक दिन में वह स्वर्ग के लिए पांच पौडिय़ां बना देंगे तो उसे अमरता प्राप्त हो जाएगी। 

4 of 7
रावण ने पहली पौड़ी हरिद्वार में हर की पौड़ी, दूसरी शिव मंदिर पौड़ीवाला, तीसरी चूड़ेश्वर महादेव और चौथी पौड़ी किन्नर कैलाश पर्वत पर बना ली। लेकिन, आंख लगने के कारण वह पांचवी पौड़ी नहीं बना पाए। 
विज्ञापन

5 of 7
मान्यता है कि पौड़ी वाला स्थित इस शिवलिंग में साक्षात शिव शंकर भगवान विद्यमान है, जहां आने वाले हर श्रद्धालु की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
विज्ञापन

6 of 7
Paudiwala Dham
मंदिर के मुख्य पुजारी महंत ईश्वर गिरि महाराज बतातें हैं कि पौड़ीवाला शिवधाम में शिवलिंग के मात्र दर्शनों से श्रद्घालुओं को अश्वमेघ के समान फल मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मंदिर के प्रति शिव भक्तों की अटूट आस्था देखते ही बनती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें