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संवाद: मलाणा में तार स्पैन से पहुंचाई कोविड वैक्सीन, बुजुर्ग ने पीएम मोदी को दिया आशीर्वाद

Mon, 06 Sep 2021 11:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोना की पहली डोज के लाभार्थियों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। उन्होंने इस मौके पर जहां हिमाचल प्रदेश के कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाने के मामले में देश भर में अव्वल आने पर उनके कठिन परिश्रम को बधाई दी, वहीं उनसे हल्के-फुल्के अंदाज में कई गहरी बातें भी कहीं। इनसे हुए संवाद में मोदी हिमाचल से अपनत्व को बार-बार दोहराते रहे, वहीं उन्होंने इनसे बातचीत के जरिये पूरे देशवासियों के लिए संदेश भी दिया।

मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी इनसे हुए संवाद के वीडियो साझा किए। हिमाचल प्रदेश के कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगाने का लक्ष्य पूरा करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयराम सरकार की पीठ थपथपाई। पीएम मोदी ने प्रदेश के छह लोगों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत की। इनमें तीन स्वास्थ्य कर्मी और तीन वैक्सीन लगाने वाले लाभार्थी शामिल थे। 
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पीएम ने डॉ. राहुल से बात की। - फोटो : अमर उजाला
कच्छ के डॉक्टर से पूछा - मैदानी गर्मी के बाद खुद को कैसे ढाला हिमाचल की ठंड में 
सिविल अस्पताल डोडराक्वार के डॉ. राहुल मूल रूप से गुजरात के कच्छ क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से कहा कि डोडरक्वार हिमाचल प्रदेश का दुर्गम इलाका है। इस क्षेत्र में सिग्नल की दिक्कत रहती है। लोगों को स्थानीय बोली में कर्मचारियों ने वैक्सीन के फायदे समझाए। वैक्सीन लगाने को लोगों से टेलीफोन से संपर्क किया गया। पंडार और जाखा पहुंचने अस्पताल से 8 से 10 घंटे लगते हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी खाना साथ ले जाते रहे। पीएम ने फिर पूछा- आप मैदानी इलाके के रहने वाले हैं, हिमाचल पहाड़ी इलाका है। मैदानी गर्मी के बाद हिमाचल की ठंड में खुद को कैसे ढाला? कच्छ के रणोत्सव लोगों से विचार साझा किए कि नहीं? इस पर डॉ. राहुल ने कहा कि पहले अजीब सा लगा, यहां के लोग अच्छे हैं। यहां वीआईपी कल्चर नहीं है। मुख्यमंत्री, मंत्री से आसानी से मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हिमाचल से बहुत परिचित हूं।  
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पीएम ने मंडी के दयाल सिंह से की बात। - फोटो : अमर उजाला
लगता है सराजियों ने पूरा जिम्मा अपने कंधे पर ले लिया
जिला मंडी के थुनाग निवासी कोरोना वैक्सीन के लाभार्थी दयाल सिंह से पीएम मोदी ने पूछा - थुनाग मंडी से बहुत दूर है। किस तरह की चुनौतियां आईं? इस पर दयाल सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने कहा कि यह हो जाएगा, वह हो जाएगा, मगर टीकाकरण अभियान ठीक से चलता रहा। मोदी ने कहा - जब भी मंडी को याद करता हूं तो मंडयाली धाम का स्वाद महसूस कर रहा हूं। आप सराज विधानसभा क्षेत्र के थुनाग के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री भी यहीं के हैं। लगता है कि सराजियों ने पूरा जिम्मा अपने कंधों पर ले लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अच्छा नेतृत्व कर रहे हैं और आप वैक्सीन लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। आप दयालु हैं, इसलिए आपके माता-पिता ने आपका नाम दयाल सिंह रखा है। दूसरी डोज के लिए आपको ढीला नहीं पड़ना है। इसी ऊर्जा के साथ काम करना है। 

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पीएम ने मलाणाकी निरमा देवी से बात की। - फोटो : अमर उजाला
देवता जमदग्नि ऋषि से अनुमति लेने के बाद शुरू किया टीकाकरण अभियान  
जिला कुल्लू के मलाणा गांव की हेल्थ केयर वर्कर निरमा देवी ने कहा कि मलाणा गांव में प्राचीन लोकतंत्र है। यहां अपना कानून चलता है। यहां जमदग्नि ऋषि (जमलू देव)के आदेश बगैर कोई काम नहीं होता है। देवता की अनुमति से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। शुरू में कठिनाई भी हुई, लेकिन लोगों को विश्वास में लेने के बाद सब आसानी से हो गया। छह-छह किलोमीटर पैदल चलकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। वहां तार स्पैन से वैक्सीन पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हिमाचल देवों की भूमि है। हम सब लोग देवी-देवताओं पर विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा - आपको फिर कहूंगा, इसी जुनून से आगे बढ़ना है। 
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हमीरपुर की बुजुर्ग निर्मला देवी - फोटो : अमर उजाला
बुजुर्ग निर्मला बोलीं, मेरा तो दूसरी डोज से बाजू का दर्द ठीक हुआ 
जिला हमीरपुर की बुजुर्ग निर्मला देवी ने कहा - मैंने पहली डोज स्वास्थ्य केंद्र में लगाई। दूसरी डोज लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी घर आए। मेरी बाजू में दर्द होता था, टीका लगाने के बाद यह भी गायब हो गया। इस पर प्रधानमंत्री ने हंसते हुए कहा - टीका लगाने के आपको डबल फायदा हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना और हिमाचल की सहारा योजना के तहत लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। लोगों को इलाज करने में दिक्कतें नहीं आ रही हैं। पीएम से इस मौके पर निर्मला देवी ने बातचीत में कुछ गलत कहने की स्थिति में क्षमा मांगी तो वह बोले - आपका तो आशीर्वाद चाहिए माता जी! 
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ऊना की स्वास्थ्य कर्मी कर्मो देवी - फोटो : अमर उजाला
पैर में प्लास्टर के बाद भी आठ दिन बाद शुरू किया टीकाकरण 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊना की स्वास्थ्य कर्मी कर्मो देवी से कहा कि 22 हजार से अधिक वैक्सीन लगाने वाली आप सही मायने में कर्मयोगी महिला हैं। उन्होंने पूछा - क्या आपको वह दिन याद है, जब आपने पहला टीका लगाया। इसके जवाब में कर्मो देवी ने कहा कि उन्होंने 22500 टीके लगाए हैं। इसमें पूरी टीम का सहयोग मिला है। पीएम ने कहा कि टीकाकरण के दौरान आप गिर गए थे और पांव में प्लास्टर लग गया था। जवाब में कर्मो देवी ने कहा कि 4 जुलाई को फ्रेक्चर हुआ था। डॉक्टर ने 4 सप्ताह की रेस्ट बताई। आठ दिन बाद ड्यूटी पर लौट गई और टीकाकरण को आगे बढ़ाया। इसके लिए परिवार के लोगों ने भी उनका सहयोग किया। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि आगामी दिनों में भी हिमाचल प्रदेश के लिए वैक्सीन की कमी न होने दी जाए। 
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लाहौल-स्पीति के नवांग उपासक - फोटो : अमर उजाला
लाहौल-स्पीति के नवांग उपासक से पूछा, अटल टनल का लाभ क्या हुआ? 
लाहौल-स्पीति के नवांग उपासक जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि अटल टनल का लाभ हो रहा है क्या? इस पर उपासक ने कहा कि अटल टनल बनने के बाद यहां कारोबार को बढ़ावा मिला है। वर्ष 2000 में इसकी घोषणा हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे शुरू किया, आपके कार्यकाल में काम को गति मिली है। यहां 7 से 8 सौ लोगों ने होम स्टे बनाए हैं। कोरोना के चलते मंदिर और गोंपा बंद हो गए थे। पहले लोग टीका लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे थे। लामा को एकत्र किया गया। इसके बाद फरमान जारी किए गए। इसके बाद टीकाकरण को बढ़ावा मिला। बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने खुद वैक्सीन लगाई है। इससे पीएम मोदी ने कहा कि अटल टनल के बनने से पहले वे घूमकर रोहतांग से होते हुए लाहौल-स्पीति जाते थे और छह-सात घंटे लग जाते थे। अब बहुत सुविधा मिली है।  
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