साल 2016 को अलविदा कहने और 2017 का स्वागत करने के लिए हिल्स क्वीन शिमला में जमकर जश्न मनाया गया। रिज मैदान और मालरोड सहित शहर के बाजारों, होटलों और रेस्तरां में शनिवार शाम जश्न का माहौल रहा। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए शहर में जगह-जगह पार्टियां की गईं। शनिवार को दोपहर बाद रिज मैदान और मालरोड पर तिल धरने की भी जगह नहीं रही। स्थानीय लोगों के अलावा भारी संख्या में बाहरी राज्यों के सैलानी नए साल का इस्तकबाल करने के लिए रिज और मालरोड पहुंचे। बर्फ के दीदार की चाह लिए शिमला आए सैलानियों ने छराबड़ा, कुफरी और नारकंडा का रुख किया। देर रात तक सैलानी शहर में नाचते गाते रहे।
विज्ञापन
2 of 11
राजधानी में नए साल के जश्न में जमकर जाम छलके। शिमला-कुफरी मार्ग, टूटीकंडी बाईपास, बालूगंज और समर हिल रोड पर खुले में काकटेल पार्टियों का दौर चला। नशे में धुत युवाओं ने हुड़दंग भी मचाया लेकिन पुलिस कर्मियों के तैनात होने से कोई अव्यवस्था नहीं फैली। शनिवार को सोशल मीडिया पर नए साल की बधाई देने का जमकर दौर चला। व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर बधाई देने का सिलसिला शनिवार सुबह से शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। बाजार में बुके और ग्रीटिंग कार्ड की भी खूब बिक्री हुई।
विज्ञापन
3 of 11
न्यू ईयर के मौके पर हिमाचल पर्यटन विकास निगम के होटल हॉली डे होम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। होटल के रेजेंसी हाल को रंग-बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया था। न्यू ईयर ईव पर केक काटा गया।डाइन एंड डांस, बेबी डांस जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। विजेताओं को आकर्षक उपहार भी दिए गए। सैलानियों को हिमाचली, साउथ इंडियन, इटालियन, चाइनीज व्यंजनों सहित 70 डिश परोसी गई। रिट्ज डिस्को थैक, पीटरहॉफ, मरीना सहित अन्य प्राइवेट होटलों में भी देर शाम तक पाटियों का दौर चला।
4 of 11
नए साल 2017 के जश्न के लिए शनिवार को लाखों सैलानी हिमाचल पहुंच गए हैं। वीकेंड के चलते न्यू ईयर ईव पर राजधानी शिमला के अलावा पर्यटन नगरी मनाली, डलहौजी और धर्मशाला शहर में तिल धरने को जगह नहीं है। छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस यहां तक कि धर्मशालाएं भी पैक हैं। पिछले दो दिन से कई सैलानी गाड़ियों में रातें गुजारने को मजबूर हैं। होटलों की ऑक्यूपेंसी 100 फीसदी चल रही है।
विज्ञापन
5 of 11
शिमला में शनिवार सुबह से देर शाम तक कई किलोमीटर का लंबा जाम लगा रहा। रिज मैदान और मालरोड सहित शहर के होटलों में रात भर डांस और मस्ती का दौर चला। छराबड़ा, कुफरी, फागू, नारकंडा, मशोबरा और नालदेहरा में टूरिस्टों का हुजूम है। होटलों में सैलानियों की शानदार तरीके से आवभगत हो रही है।
विज्ञापन
6 of 11
रात 12 बजे तक कपल्स के लिए कई प्रतियोगिताएं हुईं। डीजे पर डांस के खास प्रबंध किए गए। मनाली के मॉल पर शनिवार दोपहर 700 महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों के साथ कुल्लवी नाटी की और सैलानियों का मनोरंजन किया।
विज्ञापन
7 of 11
मनाली में रात 12 बजे मनाली क्वीन का खिताब दिया जाएगा। धर्मशाला और मैकलोडगंज में देर रात तक जश्न का दौर जारी रहा। डलहौजी के होटल मणिमहेश में रात 12 बजे तक सैलानी झूमते रहे। होटल प्रबंधक अरुणा भारती ने बताया कि नए साल के जश्न को निगम ने पर्यटकों के लिए यादगार बना दिया है।
8 of 11
रोहतांग दर्रे में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के चलते भले ही बर्फ के बीच नए साल का जश्न मनाने की सैलानियों की चाहत पूरी नहीं हो रही हो, लेकिन जिला प्रशासन ने इसका विकल्प खोज लिया है। मनाली और स्पीति को जोड़ने वाले हामटा पास पर सैलानियों को जाने की इजाजत दी जा रही है। रोजाना दो सौ गाड़ियों को जाने दिया जा रहा है।
9 of 11
एनजीटी ने रोहतांग जाने वाले वाहनों की संख्या सीमित कर दी है। आजकल बर्फबारी के चलते पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। दिल्ली से आए रोमेश और निकिता, मुंबई से आए रॉनिक और संगीता, राजस्थान से थवर रनौत और सीमा ने बताया कि हामटा में कुछ देर उन्होंने जमकर मस्ती की।
10 of 11
कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर रूटीन में चलने वाली गाडि़यां खचाखच भरी रहीं। नए साल का जश्न मनाने के लिए सैलानी ट्रेन से पहुंचे। जिन लोगों को सीट नहीं मिली तो वे सामान रखने के लिए ट्रेन के साथ जोड़ी गई ट्रॉली में बैठ गए। इनमें महिला और पुरुष और बुजुर्ग शामिल थे। सैलानी होली-डे स्पेशल टॉय ट्रेन के रोमांचकारी सफर का मजा भी नहीं ले पाए। बोगियों के पहियों की खराबी से इसे फिलहाल बंद कर दिया है। भारी भीड़ के कारण सैलानियों को टिकट नहीं मिल रहे हैं। रेल मोटर कार के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा का लाभ भी पर्यटकों को दिया जा रहा है।
वर्तमान में सामान्य पांच ट्रेन शिमला कालका मार्ग पर दौड़ रही हैं। डीएसपी प्रमोद चौहान ने कहा कि शिमला एनएच पर एक दिन में औसतन 1500 वाहन गुजरते हैं, लेकिन 31 दिसंबर को शाम छह बजे तक करीब 7000 वाहन क्रॉस हो चुके हैं। जाम का सबसे बड़ा कारण वाहनों का काफी संख्या में शिमला की तरफ जाना है। वर्तमान में 5 सामान्य ट्रेन और दो रेलकार सहित एक मालगाड़ी शिमला-कालका मार्ग पर दौड़ रही हैं। स्पेशल ट्रेन सुबह 6:40 बजे कालका से चलेगी और करीब 11:50 पर शिमला पहुंचेगी। यह ट्रेन शाम 3:50 पर शिमला से कालका के लिए चलेगी। यह रेलकार 14 सीटर है। नववर्ष को लेकर कालका-शिमला ट्रेनों में पर्यटकों की काफी संख्या में भीड़ देखी जा सकती है। प्रत्येक रेल कार की 14 पैसेंजर की क्षमता है।