शारदीय नवरात्र पर प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।दुर्गा अष्टमी पर हिमाचल के पांच शक्तिपीठों ज्वालामुखी, चामुंडा, बज्रेश्वरी, नयनादेवी और मां चिंतपूर्णी में एक लाख 17 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।
विज्ञापन
2 of 7
तड़के से मंदिर परिसर में श्रद्धालुआें की कतारें लग गईं। आस्था के उमड़े सैलाब से माता के जयघोष लगते रहे। कांगड़ा जिले के तीनों शक्तिपीठों में 80 हजार श्रद्धालुओं ने अष्टमी पर माथा टेका। श्रद्धालुआें की सुविधा को ध्यान में रखकर शक्तिपीठों के कपाट चौबीस घंटे दर्शन को खुले रहे। प्रसिद्ध शक्तिपीठ बज्रेश्वरी माता के दर अष्टमी पर करीब 40 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
विज्ञापन
3 of 7
भक्तों को लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। ज्वालामुखी मंदिर में 35 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए। इस दौरान ज्वालामुखी में स्थानीय लोगों की अपेक्षा बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। चामुंडा शक्तिपीठ में करीब सात हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
4 of 7
chintpurni mata
उधर, ऊना जिले में चिंतपूर्णी शक्तिपीठ में दुर्गा अष्टमी पर 12 हजार लोगों ने माता के दर्शन किए। दुर्गा अष्टमी पर भक्तों ने शक्तिपीठों में लाखों का चढ़ावा चढ़ाया। चिंतपूर्णी मंदिर में चढ़ावे का आंकड़ा 50 लाख पार कर गया।
विज्ञापन
5 of 7
वहीं, बिलासपुर जिले में शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में अष्टमी पर 25 हजार लोगों ने माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर में 9 लाख 56, हजार 823 रुपये का चढ़ावा चढ़ा।
विज्ञापन
6 of 7
कालीबाड़ी माता मंदिर
कालीबाड़ी माता मंदिर में करीब पांच हजार से अधिक भक्तों ने मंदिर में पहुंच कर माथा टेका और पूजा की। कालीबाड़ी में अष्टमी और नवमीं के 24-24 मिनट कुल 48 मिनट की संधी पूजा मुख्य आकर्षण का केंद्र रही, जो दोपहर 12:1 बजे से 12:48 बजे तक चली। मान्यता है कि भगवान राम ने इन 48 मिनटों में मां दुर्गा की विशेष पूजा कर रावण का वध कर विजय प्राप्त करने का आशीर्वाद प्राप्त किया था।
तारादेवी माता मंदिर में भी सुबह छह से लेकर देर शाम साढ़े सात बजे की आरती तक पूरा दिन भक्तों का मेला लगा रहा। सात से दस हजार की संख्या में भक्तों ने मंदिर में परिवार के साथ पूजा-अर्चना कर मां तारा देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं, अष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिर के आसपास लगे मेले में सजी दुकानों में श्रद्धालुओं ने खरीददारी भी की। मंदिर के मुख्य पुजारी कमलेश शर्मा ने बताया कि पूरा दिन हजारों की संख्या में लोग मां के दर्शन के लिए पहुंचे थे।