भगवान शिव का एक ऐसा मंदिर भी है जिसकी उत्पत्ति को लेकर बड़ी ही रोचक कहानी है। चौंरीधार शिव मंदिर में लोगों की गहरी आस्था है। जानिए पूरी कहानी..
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इस शिवलिंग पर बहती थी दूध की गंगा
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राजधानी शिमला के घणाहट्टी से छह किलोमीटर दूरे चौंरीधार मंदिर की उत्पत्ति को लेकर मान्यता है कि इस स्थान पर एक गाय खड़ी होती थी और उसके थनों से अपने आप दूध टपकता था।
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इस शिवलिंग पर बहती थी दूध की गंगा
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जब यह बात स्थानीय लोगों को पता चली तो उन्होंने मिलकर यहां पर खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान यहां पर शिवलिंग मिला। इसी स्थान पर चौंरीधार में भगवान शिव का मंदिर स्थापित किया गया।
चौंरीधार मंदिर शिमला के साथ सट्टे घणाहट्टी से कालीहट्टी मार्ग पर स्थित है। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं ने इसे विशेष रूप से सजाया है। सुबह से ही भक्तों का यह भगवान शिव की पूजा अर्चना और दर्शन के लिए तांता लगा है।