महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव का एक मंदिर ऐसा भी जहां पर शिवलिंग 12 वर्ष अपना आकार बदल लेता है। स्वर्ग की दूसरी सीढ़ी भी यहां पर ही है। पढ़िए अनसुनी कहानी..
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महाशिवरात्रि: हर 12 वर्ष बाद आकार बदलता है ये शिवलिंग
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प्राचीन शिव मंदिर पौड़ीवाला हिमाचल प्रदेश नाहन से मात्र नाहन से 6 किलोमीटर दूर नाहन-चंडीगढ़ मार्ग पर स्थित है। ऐसी मान्यता है कि हर 12 वर्ष बाद यह शिवलिंग चावल के दाने के समान घटता तथा बढ़ता है।
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महाशिवरात्रि: हर 12 वर्ष बाद आकार बदलता है ये शिवलिंग
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इस शिव मंदिर का इतिहास लंकापति रावण से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि रावण ने अमरता के लिए यहां घोर तपस्या की। प्रसन्न होकर शिव शंकर ने उन्हें वरदान दिया कि यदि वो एक दिन में पांच पौड़ियां निर्मित कर देगा तो उसे अमरता मिल जाएगी।
महाशिवरात्रि: हर 12 वर्ष बाद आकार बदलता है ये शिवलिंग
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रावण ने पहली पौड़ी हरिद्वार में हर की पौड़ी, दूसरी पौड़ी यहां पौड़ीवाला में, तीसरी पौड़ी चुड़ेश्वर महादेव व चौथी पौड़ी किन्नर कैलाश में बनाई। इसके बाद रावण को नींद आ गयी।
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जब जगा तो सुबह हो गई थी। मान्यता है कि पौड़ीवाला स्थित इस शिवलिंग में साक्षात शिव शंकर भगवान विद्यमान हैं और यहां आने वाले हर श्रद्धालु की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।
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मंदिर में एक जलकुंड भी है जिसे पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर कई साधुओं ने तपस्या की है।