हिमाचल के गुम्मा में हुआ बस हादसा इतना खौफनाक था कि बस में सवार 45 लोगों की जान चली गई। टौंस नदी लाशों से भर गई। कुछ देर के लिए नदी का पानी भी लाल हो गया हादसे में सिर्फ दो ही जिंदा बच सके। आइए जानते हैं कब और कैसे ये हादसा हुआ-
पढ़ना न भूलें-गुम्मा बस हादसा: 45 लोगों ने गंवाई जान, चौंका देगा हादसे का असली कारण
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हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ। 50 से ज्यादा लोगों से भरी यह प्राइवेट बस उत्तराखंड से हिमाचल के गुम्मा रवाना हुई थी। बस अभी गुम्मा के पास पहुंची ही थी कि अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया। इससे बस करीब 800 मीटर नीचे टौंस नदी में जा गिरी।
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मगर इसी दौरान बस में खिड़की के पास खड़े परिचालक और एक अन्य शख्स ने छलांग लगा दी। दोनों की जान बच गई। इसके अलावा बस में जितने भी लोग थे वे सभी बस समेत नदी में जा गिरे। हादसा इतना भयानक था कि जोरदार धमाके के साथ बस के परखच्चे उड़ गए।
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स्थानीय लोगों का हादसे का पता तो चला लेकिन मौके तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। दूसरे रास्ते से होकर करीब डेढ़ घंटे बाद लोग मौके पर पहुंच सके। बस के मलबे से लोगों को बाहर निकाला शुरू किया। लेकिन सबको निराशा ही हाथ लगी। सभी बच्चे, महिलाएं और पुरुष दम तोड़ चुके थे।
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जिस जगह पर बस गिरी वहां लाशों के ढेर लग गए। खून से नदी का पानी भी लाल हो गया। मौके पर पहुंचे लोग ये मंजर देख सन्न रह गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया लेकिन किसी की भी जान नहीं बचाई जा सकी।
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नदी किनारे लाशों की हालत ऐसी थी कि लोग देखकर सन्न रह गए। किसी की टांग कटी थी तो किसी का हाथ। लाशों के चीथड़े पूरी नदी में बिखर गए थे। स्थानीय लोग मदद को आगे आए और पुलिस के साथ मिलकर इन्हें इकट्टा करना शुरू कर दिया।
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एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि अब तक 45 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसमें 30 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। इनमें चार बच्चे और पांच नाबालिग शामिल हैं। 26 यात्रियों की शिनाख्त हो चुकी है, जिनमें 9 हिमाचल और 17 उत्तराखंड के हैं।
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सभी शवों को कड़ी मशक्कत के बाद सड़क तक पहुंचाया जा रहा है। कई लोगों के नदी में बहने की आशंका भी जताई जा रही है। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बस हादसे में मारे गए यात्रियों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
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बाली ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शिमला की अगुवाई में एक कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह कमेटी बस दुर्घटना के कारणों का पता लगाएगी और सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी।