कुछ अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन देश सेवा सबसे पहले है। मां ने भी अपने लाल से कहा कि यदि उसका जाने का मन नहीं है तो वह रुक जाए। लेकिन राजेश को सरहद बुला रही थी, जहां उसे देश सेवा करके शहादत पानी थी। राजेश के रिश्तेदारों ने पत्नी, माता-पिता, भाई-भाभी को अभी शहादत की खबर नहीं दी है।