रिज मैदान पर करवाचौथ का त्योहार मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां हर साल हजारों की संख्या में महिलाएं पहुंचकर एकसाथ पूजा करती हैं। ज्योतिषियों का दावा है कि करवाचौथ पर इस बार बहुत अच्छा संयोग बन रहा है। इसलिए रिज पर भीड़ भी अधिक होने की संभावना है। शिमला शहर में सबसे पहले रिज से चांद के दीदार होते हैं, लिहाजा महिलाएं व्रत खोलने के लिए यहीं पहुंचती हैं। रात साढ़े आठ बजे करवाचौथ का चांद रिज से दिख जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
रिज मैदान और मालरोड से पुलिस ने भिखारियों को हटा दिया है। पुलिस करवाचौथ को लेकर यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखती है। महिलाएं सोने-चांदी के गहने पहुंचकर रिज पर पहुंचती हैं, इसलिए चोरी और झपटमारी का खतरा रहता है।
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रिज पर करीब सात बजे महिलाएं पहुंचना शुरू हो जाएंगी। वहीं बुधवार को शिमला शहर के बाजारों में करवाचौथ के त्योहार को लेकर खूब रौनक रही। एसपी ओमापति जमवाल ने बताया कि करवाचौथ को लेकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के सौ से अधिक जवान रिज और अन्य क्षेत्रों में तैनात रहेंगे। इसमें कुछ जवान सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे।
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मालरोड के हिमानी, अल्फा, शिमला कैफे और आसपास के सभी होटलों में लोगों ने डिनर के लिए एडवांस बुकिंग कर रखी है। इसमें महिलाओं के लिए करवाचौथ पर खाने वाले व्यंजनों का खास बंदोबस्त किया है। इसके अलावा पुरुषों के लिए अलग व्यंजन बनेंगे।
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पंडित डॉ. प्रियव्रत शर्मा ने कहा कि मृत्युलोक की भद्रा के चलते महिलाओं को शाम 6:48 बजे के बाद पूजा करनी चाहिए। इससे पहले की पूजा व्यर्थ मानी जाएगी।
पूजा का सही समय सात बजे है। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं को करवाचौथ की कथा भी सुननी या पढ़नी चाहिए। करवाचौथ की कथा और पूजा का समय 6:48 के बाद ही सही रहेगा।