मंगलवार सुबह से ही देवता भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए आते रहे। देव परंपरा के निर्वहन करने के लिए माता हिडिंबा, देवता छमाहणी नारायण, माता पार्वती, माता भागासिद्ध, देवता खुडीजल, शृंगाऋषि, बालूनाग और ब्यास ऋषि, टकरासी नाग, चोतरू नाग, कोट पझारी, देवता चंभू, लक्ष्मी नारायण, मनु ऋषि आदि देवी-देवता ने भी रघुनाथ के दर पहुंचकर राज परिवार को शुभ आशीर्वाद दिया।