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Himachal Rain: भारी बारिश से आठ मकान क्षतिग्रस्त, शिमला में पेड़ गिरने से टिपर चकनाचूर, देखें तस्वीरें

Sun, 22 Aug 2021 06:39 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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हिमाचल वर्षा - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में रविवार को दूसरे दिन भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। भारी बारिश से प्रदेश में आठ मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि शिमला में पेड़ गिरने से एक टिपर चकनाचूर हो गया। राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होती रही। कालका-शिमला, पठानकोट-भरमौर और शिमला-तत्तापानी-मंडी मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होता रहा। बारिश से मक्की की फसल को भी नुकसान हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य मैदानी व मध्य पर्वतीय तीन जिलों कांगड़ा, सिरमौर और सोलन में 26 अगस्त को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में 28 अगस्त तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। बारिश से सेब का तुड़ान भी प्रभावित हुआ है। रविवार को ऊना का अधिकतम तापमान 29.2,  सुंदरनगर 28.3,  बिलासपुर 28.0, धर्मशाला 27.8, सोलन 26.5, हमीरपुर 26.8, नाहन 26.4, भुंतर 25.8, कांगड़ा 24.8, चंबा 23.9, कल्पा 21.6, शिमला 20.5, डलहौजी 16.5 और केलांग 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
 
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ट्रक पर गिरा पेड़ृ। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी शिमला में भारी बारिश से टूटीकंडी बाईपास पर रविवार सुबह खलीनी के पास देवदार का पेड़ गिरने से सड़क किनारे खड़ा ट्रक चकनाचूर हो गया। इससे कई घंटों तक यातायात ठप रहा।  उधर, विकासनगर में भी सुबह करीब पांच बजे देवदार के दो पेड़ उखड़कर बिजली तारों पर झूल गए। 
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विद्युत ट्रांसफार्मर पर गिरा पेड़ - फोटो : अमर उजाला
इससे यहां बना ट्रांसफार्मर टेढ़ा हो गया। स्थानीय पार्षद रचना भारद्वाज ने घटना की सूचना वन विभाग और बिजली बोर्ड को दी। बाद में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचीं और मजदूरों की मदद से पेड़ों को हटाया गया। क्षेत्र में शाम छह बजे तक बिजली गुल रही। पार्षद के अनुसार ट्रांसफार्मर के लिए लगाए गए डंगे में दरारें आ गई हैं, जिससे इसके सड़क पर गिरने का खतरा है। फिलहाल बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

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शिमला में गिरे पेड़। - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग ने सड़कें बहाल करने के लिए फील्ड में 15 हजार कर्मचारी लगाए हैं। राज्य में दस सड़कें बंद हैं। चंबा जिला में बारिश के चलते उपमंडल भटियात में छह कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है।
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ढली बाईपास पर भूस्खलन। - फोटो : अमर उजाला
संपर्क मार्गों पर भी यातायात प्रभावित हुआ। टिकरी स्कूल के समीप लगा डंगा भी धराशायी हुआ है। भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर केरू के समीप भूस्खलन होने से यातायात बाधित रहा। हमीरपुर में भी दो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिलासपुर में तेज बारिश और तूफान से मक्की की फसल को नुकसान हुआ है। 
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कुल्लू जिले में बारिश से सड़कें ठप - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के लिए जारी नेशलन फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार प्रदेश के चार जिलों शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर के कई भागों में 23 अगस्त सुबह साढ़े 11 बजे तक अचानक बाढ़ आने का खतरा है।  विभाग ने भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन की पेड़ गिरने की आशंका भी जताई है।
 
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भारी बारिश से सड़क पर बना तालाब। - फोटो : अमर उजाला
पर्यटकों व स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। उधर, पांवटा साहिब से शिलाई एनएच-707 मार्ग की हालत खस्ता हो गई है। पांवटा के बद्रीपुर चौक से तारुवाला तक एनएच जरा सी बारिश होने पर तालाब बन रही है। सड़क पर गड्ढे पड़ गए हैं। इस वजह से वाहनों में सफर करते हुए हिचकोले लग रहे हैं।
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शिमला पेड़ गिरा। - फोटो : अमर उजाला
सड़क की खस्ताहालत के कारण दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ गया है। सड़क की हालत को लेकर जनता में आक्रोश है। पांवटा साहिब निवासी पूर्व पार्षद धनवीर सिंह कपूर का कहना है कि आम आदमी को सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। बद्रीपुर चौक से तारुवाला के बीच पैदल तक चलना कठिन हो चुका है। हल्की सी बारिश होते ही सड़क तालाब बन रही है।  
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