सरकार ने दोनों गांवों की पेयजल योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की राशि जारी की है, लेकिन आज तक पेयजल समस्या हल नहीं हो पाई है। वर्ष 2021 में भी जोबरंग, रापे और राशेल गांवों के लिए टिशंग स्रोत से पानी लाने पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यह स्रोत दो-तीन माह में ही जम गया।