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हिमाचल: प्रशासनिक अमले के जज्बे को सलाम, 76 किमी पैदल चलकर फहराया तिरंगा, देखें कठिन सफर की तस्वीरें

Thu, 19 Aug 2021 08:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बैजनाथ (कांगड़ा)
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बड़ा भंगाल में फहराया तिरंगा। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की सबसे दुर्गम पंचायत बड़ा भंगाल में तिरंगा झंडा फहराने गए प्रशासनिक अमले के जज्बे को सलाम है। आजादी के 75 साल में पहली बाहर यहां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। 40 प्रतिनिधियों का प्रशासनिक दल वापस बैजनाथ लौट आया है। 76 किलोमीटर का पैदल सफर तय करने के बाद एसडीएम सलीम आजम ने बड़ा भंगाल की दुश्वारियां गिनाईं। एसडीएम कहते हैं कि बड़ा भंगाल में बिजली और घरों में पानी की सप्लाई भी नहीं है।

लोग पानी के प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर है।  संपर्क करने के लिए एक सेटेलाइट फोन पंचायत सचिव के पास रहता है। फोन से बात करने पर एक कॉल के 30 रुपये लगते हैं।  बड़ा भंगाल को चंबा के होली से जाने वाला रास्ता बहुत कठिन है। एक भी कदम गलत रखने से व्यक्ति सीधे रावी नदी में समा सकता है। सफर के दौरान एसडीएम का जरूरी सामान से भरा हुआ बैग रस्सी के टूटने के कारण रावी में गिर गया। 
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बड़ा भंगाल में फहराया तिरंगा। - फोटो : अमर उजाला
वहां रास्ते के नाम पर कुछ भी नहीं है और उनका दल बड़ा भंगाल पंचायत के लोगों के मार्गदर्शन के कारण ही वहां तक पहुंच सका है। प्रशासनिक दल में 10 पुलिस जवान और सरकारी विभागों के 30 अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे। यह दो टीमों में अलग-अलग रास्तों से 11 अगस्त को बड़ा भंगाल रवाना हुए थे। चंबा में होली के नया ग्रां से बड़ा भंगाल की दूरी 47 किमी और छोटा भंगाल के बड़ा ग्रां से 76 किमी की दूरी है। 
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बड़ा भंगाल का कठिन रास्ता। - फोटो : अमर उजाला
बड़ा भंगाल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए। प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम में पेंशन और पानी के बिलों को लेकर लोगों की समस्याएं सामने आई हैं और उनका निवारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ा भंगाल में अब तक  300 क्विंटल राशन पहुंच चुका है। 15 सितंबर से पहले 300 क्विंटल और राशन पहुंचा दिया जाएगा। 

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बड़ा भंगाल के सफर के दौरान अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने पर लोगों ने जताया आभार
प्रशासन के पहुंचने पर लोगों ने भव्य स्वागत किया और स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बड़ा भंगाल के लोगों ने आजादी के बाद से पहली बार बड़ा भंगाल में इस प्रकार का समारोह आयोजित करने के लिए जिलाधीश और एसडीम सलीम आजम का आभार व्यक्त किया है। बड़ा भंगाल में सोलर लाइट की व्यवस्था करने के साथ-साथ पैदल रास्ते की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इन कार्यों के लिए एसडीएम सलीम आजम के आग्रह पर जिलाधीश ने 15 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। 91 वर्षीय मूलचंद ने पेंशन की समस्या से एसडीएम सलीम आजम को अवगत करवाया।
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बर्फ से लकदक बड़ा भंगाला की चोटियां। - फोटो : अमर उजाला
दोनों टीमों ने ऐसे किया सफर, यहां गुजारी रात
चंबा के होली से बड़ा भंगाल गए कर्मचारियों के दल ने पहली रात नया ग्रां में गुजारने के बाद दूसरे दिन पैदल सफर किया। दूसरी रात धारड़ी में गुजारी और तीसरे दिन देर शाम को बड़ा भंगाल पहुंच सके। इसी प्रकार छोटा भंगाल के बड़ा ग्रां से बड़ा भंगाल गई कर्मचारियों की टीम ने पहली रात परनोहटू और दूसरी रात 15 हजार 500 फीट ऊंचे थमसर जोत को पार करने के बाद  मढ़ी में गुजारी और तीसरे दिन देर शाम को बड़ा भंगाल पहुंच सके। 
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बड़ा भंगाल
बर्फबारी के चलते सात महीने कट जाता है इलाका
पंचायत में कुल 660 लोग रहते हैं। इनमें से करीब 500 मतदाता है। 15 अप्रैल से 15 सितंबर तक ये लोग बड़ा भंगाल में रहते हैं। इसके बाद बीड़ वापस आ जाते हैं। क्योंकि भारी बर्फबारी से बड़ा भंगाल का संपर्क देश से कट जाता है। बड़ा भंगाल में सर्दियों में करीब 50 लोग ही रहते हैं। यहां एक मिडिल स्कूल और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी है। रावी नदी भी बड़ा भंगाल से ही निकलती है
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