शहीद के पिता और भाई
- फोटो : अमर उजाला
सेना के चॉपर से शहीद की पार्थिव देह गांव पहुंचाई गई, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान भीड़ नहीं जुटने दी गई। जो रिश्तेदार शामिल हुए, उन्होंने सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा।