दीपावली का शुभ मुहूर्त और महालक्ष्मी पूजन सायं 05:25 से 06:26 तक और प्रदोष काल 05:23 से 08:04 तक रहेगा। महानिशीथ काल रात्रि 11:40 से मध्यरात्रि 12:32 तक रहेगा। प्रदोष काल आरंभ होने से पूर्व घर में वातावरण शुद्धि के लिए जल छिड़काव करें और मुख्य द्वार पर रंगोली और दीयों की शृंखला बनाएं।
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दिवाली
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल वस्त्र पर गणेश और लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें अथवा मां लक्ष्मी का गणेश सहित चित्र दीवार पर लगाएं। घृत दीप जलाकर माता लक्ष्मी और गणेश को तिलक लगाएं।
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दिवाली
चावल के अक्षत फल-फूल, गुड़, हल्दी मिश्री, बर्फी मिष्ठान अर्पित करें। इस समय पितरों के निमित्त भी एक दीप जलाकर पितरों का स्मरण करना विहित है।
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सरस्वती देवी
देवी सरस्वती, मां काली, भगवान विष्णु और कुबेर देव का पूजन भी करें। महालक्ष्मी के पूजन के पश्चात व्यापारी वर्ग तिजोरी, बहीखाते, तुला आदि का पूजन करें।
पंडित गोपाल कृष्ण शर्मा शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
पंडित गोपाल कृष्ण शर्मा शास्त्री ने कहा कि पूजन के बाद अपने परिजनों, संबंधियों, मित्रों और पड़ोसियों, विशेषकर समाज के असहाय वर्ग में मिष्ठान दक्षिणा आदि बांटे।