जेपी कंपनी के खिलाफ मजदूर संगठन सीटू ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने माल रोड पहुंचकर धारा 144 तोड़ी और गिरफ्तारियां दी। देखिए तस्वीरें..
विज्ञापन
मजदूरों की मौत पर बवाल, सीटू ने तोड़ी धारा 144
2 of 8
नगर निगम दफ्तर और रिपोर्टिंग रूम के बाहर धारा 144 लागू होने के बावजूद सीटू कार्यकर्ताओं ने जेपी कंपनी, किन्नौर जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन
मजदूरों की मौत पर बवाल, सीटू ने तोड़ी धारा 144
3 of 8
इस दौरान शिमला पुलिस कहीं नजर नहीं आई। प्रदर्शन करने के बाद जब सीटू कार्यकर्ता वापस लौटने लगे तब पुलिस मौके पर पहुंची। सागर रतना रेस्टोरेंट और काफी हाउस के पास पुलिस ने सीटू नेताओं को गिरफ्तार किया।
मजदूरों की मौत पर बवाल, सीटू ने तोड़ी धारा 144
4 of 8
माल रोड पर लगी धारा 144 का भी सीटू ने उल्लंघन किया। काफी हाउस के पास 47 सीटू नेता ही पुलिस के हत्थे चढ़े। अधिकांश कार्यकर्ता लोअर बाजार, रिज मैदान, लक्कड़ बाजार बस स्टेंड और छोटा शिमला की ओर चले गए थे।
विज्ञापन
मजदूरों की मौत पर बवाल, सीटू ने तोड़ी धारा 144
5 of 8
माल रोड पर प्रदर्शन करते हुए सीटू के प्रदेश सचिव विजेंद्र मेहरा ने बास्पा प्रोजेक्ट में कार्यरत मारवाड़ी साहू की मौत के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेवार ठहराया।
विज्ञापन
मजदूरों की मौत पर बवाल, सीटू ने तोड़ी धारा 144
6 of 8
उन्होंने कहा प्रशासन ने धारा -144 लगाकर प्रोजेक्ट में काम कर रहे 700 मजदूरों को 15 दिन तक घरों से बाहर निकाला। इसके चलते इन मजदूरों को जंगल में रहना पड़ा।
विज्ञापन
मजदूरों की मौत पर बवाल, सीटू ने तोड़ी धारा 144
7 of 8
इस दौरान मजदूरों को खाना नसीब नहीं हुआ। कई मजदूरों ने खिचड़ी खाकर जंगल में जीवन व्यतीत किया। इसके चलते 31 मजदूर बीमार हो गए।
इन मजदूरों में से मारवाड़ी साहू और लाल प्रसाद साहू को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए पहले रामपुर अस्पताल लाया गया, उसके बाद दोनों मजदूरों को आईजीएमसी रेफर किया गया। जहां मारवाड़ी साहू की मौत हो गई। कहा एक अन्य मजदूर की सोमवार को रामपुर में मौत हो गई है। मजदूर जीपी कंपनी के खिलाफ अपनी हक के लिए लड़ रहे हैं।