दिन मंगलवार। दोपहर सवा दो बजे। सुल्तानपुर पुलिस चौकी में एक फोन कॉल आई। हेलो.. हेलो! मेरा दोस्त नदी में बह रहा है, प्लीज कोई आकर बचा लो। बस फिर क्या था अफरा-तफरी मच गई। चौकी प्रभारी शेर सिंह ने साथियों को बताया कि फोन पर दूसरी ओर से किसी रोडी ने बात की। वह बहुत घबराया हुआ है। कह रहा है कि मेरा दोस्त पुनीत साल नदी में गिर गया है। पुनीत बह रहा है और मैं उसे बचा नहीं पा रहा। प्लीज, जल्दी आ जाओ, नहीं तो पुनीत बच नहीं पाएगा। सभी फोटो: चंबा ब्यूरो
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दोस्त को डूबने से बचाने के लिए लगा दी जान की बाजी
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साथियों से यह बात कहकर शेर सिंह पुलिस टीम लेकर तुरंत मौके पर पहुंच गए। दमकल विभाग की टीम को बुला लिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो पुनीत एक पत्थर के सहारे जैसे तैसे खुद को बचा रहा था। टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। किनारे से नदी के बीच बड़े से पत्थर तक सीढ़ियां बिछाई गईं।
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दोस्त को डूबने से बचाने के लिए लगा दी जान की बाजी
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पुनीत को इस पत्थर तक पहुंचाया गया। यहां से स्ट्रेचर के सहारे पुनीत को नदी के किनारे तक पहुंचाया गया। यहां पहले से ही 108 एंबुलेंस का इंतजाम किया गया था। सवा घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुनीत को एंबुलेंस से क्षेत्रीय अस्पताल चंबा पहुंचाया गया। अब पुनीत की हालत खतरे से बाहर है।
दोस्त को डूबने से बचाने के लिए लगा दी जान की बाजी
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अग्निशमन विभाग के अधिकारी कैलासो राम ने बताया कि उन्हें एएसआई शेर सिंह ने युवक के नदी में फंसे होने की सूचना दी। इसके बाद चालक कमल, फायरमैन पवन, प्रताप, मनोज, गृहरक्षक अवतार सिंह व ईश्वर दास मौके पर गए और युवक को बाहर निकालने में पुलिस की मदद की। युवक को सुरक्षित बचा लिया गया है।
साल नदी में गिरे युवक के साथ उसका दोस्त न होता तो शायद पुनित की जान नहीं बच पाती। जिस समय यह हादसा हुआ घटनास्थल पर सिर्फ दो ही लोग थे। पुनित को साल में गिरते देख उसके दोस्त रोडी ने भी उसे बचाने की कोशिश शुरू कर दी। यह युवक बिना किसी विशेष उपकरण के नदी के तेज बहाव में उतर गया और पुनित को खींच कर चट्टान के पास ले आया। यहां पहुंचाने के बाद उसने दूरभाष पर पुलिस को फोन कर दिया और मदद मांगी। घटना के शुरूआती आधे घंटे तक साल नदी में सिर्फ दो ही युवक थे। यदि रोडी पुनित को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालता तो पुनित बहकर साल और रावी के संगम तक पहुंच जाता और फिर उसे बचाना मुश्किल हो सकता था। सुल्तानपुर चौकी प्रभारी एएसआई शेर सिंह का कहना है किपुलिस बहादुरी दिखाने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने की सिफारिश करेगी।